पुलिस ने जानलेवा हमले का दर्ज किया केस तो भड़क गए वकील
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आगरा में न्यू आगरा थाना पुलिस ने पांच वकीलों को नामजद और 10-15 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इन पर नर्सिंग इंस्टीट्यूट संचालक डॉ. एचएस बैरागी पर दीवानी कचहरी में जानलेवा हमले का आरोप है। नामजद आरोपियों में एडवोकेट आशुतोष भी शामिल हैं, उन्हें थाने के सामने ही गोली मारी गई थी।
केस डॉ. बैरागी की पत्नी ब्रजेश शर्मा की ओर से दर्ज कराया गया है। इसमें आशुतोष श्रोत्रिय, भवतोष श्रोत्रिय, राजीव सिंह टाटा, एसपी सिंह भारद्वाज और नितिन शर्मा नामजद किए हैं। पुलिस ने बलवा की धाराएं 147, 148, 149, जानलेवा हमला 307, गहरी चोट पहुंचाना 308 लगाई हैं। घटना 13 सितंबर की बताई गई है।
दरअसल, एडवोकेट आशुतोष श्रोत्रिय और इंस्टीट्यूट आईआईएमटी के संचालक डॉ. बैरागी लॉयर्स कॉलोनी निवासी हैं। दोनों के बीच रंजिश है। वर्ष 2017 के निकाय चुनाव के दौरान पार्षद पद के प्रत्याशी राजीव टाटा पर हमला हुआ था। वह आशुतोष पक्ष के हैं। इसी मामले बैरागी के साढ़ू का बेटा मोहन 13 सितंबर को कोर्ट में सरेंडर करने गया था।
आरोप है कि वहीं पर डॉ. बैरागी पर हमला किया गया। इसके थोड़ी देर बाद ही आशुतोष को न्यू आगरा थाना के सामने गोली मारी गई थी। इसमें डॉ. बैरागी के बेटे अनुराग और अभिप्राय को जेल भेजा गया। डॉ. बैरागी और बेटा अलंकार फरार चल रहे हैं।
मुकदमे से भड़के वकील, किया प्रदर्शन
न्यू आगरा में दर्ज किए गए इस मुकदमे से वकील भड़क गए। उन्होंने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। कहा कि मुकदमा झूठा है, इसे खारिज किया जाए। भवतोष श्रोत्रिय, नितिन शर्मा, कमल कुमार, एसपी भारद्वाज, राजीव सिंह टाटा और आशुतोष श्रोत्रिय ने कहा कि पुलिस को पहले ही बताया जा चुका है कि डॉ. बैरागी पक्ष फर्जी केस दर्ज कराता है।
इसके बावजूद यह केस लिखा गया है। डॉ. बैरागी फरार चल रहा है। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है। बैरागी और उसके बेटों के खिलाफ और भी कई केस दर्ज हैं।