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Agra: पुलिस अफसर पर गनर देने के नाम पर वसूली का आरोप, लोकायुक्त से शिकायत; जानें पूरा मामला
Sun, 28 Apr 2024 12:28 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 28 Apr 2024 12:28 PM IST
सार
स्क्रैप कारोबारी को धमकी मिलने के बाद फरवरी 2023 से सुरक्षा मिली थी। उनका आरोप है कि गनर की रिपोर्ट देने के एवज में उनसे घूस मांगी गई।
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- फोटो : istock
विस्तार
आगरा के बालूगंज के स्क्रैप कारोबारी मनोज सिंह ने लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) के एसीपी सत्यप्रकाश शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से शिकायत की है। उनका आरोप है कि गनर की रिपोर्ट देने के एवज में उनसे घूस मांगी गई। पहले भी उनसे मोबाइल, पुखराज नग और नकदी की वसूली हुई थी। इस मामले में एसीपी एलआईयू का कहना है कि आरोपों का कोई आधार नहीं है। गनर देने और हटाने का फैसला समिति करती है।
मनोज सिंह को फरवरी 2023 में इंटरनेट के माध्यम से व्हाट्सएप कॉल करके लॉरेंस विश्नोई के नाम से धमकाया गया था। 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में उन्होंने थाना रकाबगंज में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसकी विवेचना की जा रही है। पुलिस एक साल से अधिक समय बीतने के बाद यह पता नहीं लगा पाई है कि कॉल कहां से आया था। इस मुकदमे के बाद मनोज सिंह को दो गनर मिले थे। उनके घर पर पुलिस की गारद लगाई गई थी। पिछले साल गनर वापस हो गया और गारद भी हट गई। 25 प्रतिशत धनराशि अदा करने पर एक गनर उन्हें मिला हुआ था। पिछले दिनों उसे हटाने की भी एक रिपोर्ट आई। फिलहाल गनर मनोज सिंह के पास है।
मनोज सिंह ने लोकायुक्त को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि एसीपी एलआईयू को मोबाइल दिलाया, उन्होंने एक दुकान से पुखराज लिया था। उसका भुगतान किया। शिकायत में रुपये से संबंधित आरोप भी लगाए गए हैं। कारोबारी का कहना है कि उनके परिवार को खतरा है। वह हर साल सुरक्षा के लिए लाखों रुपये खर्च करते हैं।
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कमेटी करती है गनर का फैसला, आरोप निराधार
एसीपी एलआईयू सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि चुनाव में फोर्स की जरूरत है। कई लोगों के गनर वापस बुलाए गए। गनर देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। इसके लिए एक कमेटी होती है। मनोज सिंह का गनर हटाने का आदेश कमेटी का है। वह खुद भी चाहते हैं कि इस प्रकरण की गहराई से जांच हो। उनकी छवि धूमिल करने की साजिश रची गई है। दबाव बनाया जा रहा है ताकि गनर बना रहे।
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मनोज सिंह को फरवरी 2023 में इंटरनेट के माध्यम से व्हाट्सएप कॉल करके लॉरेंस विश्नोई के नाम से धमकाया गया था। 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में उन्होंने थाना रकाबगंज में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसकी विवेचना की जा रही है। पुलिस एक साल से अधिक समय बीतने के बाद यह पता नहीं लगा पाई है कि कॉल कहां से आया था। इस मुकदमे के बाद मनोज सिंह को दो गनर मिले थे। उनके घर पर पुलिस की गारद लगाई गई थी। पिछले साल गनर वापस हो गया और गारद भी हट गई। 25 प्रतिशत धनराशि अदा करने पर एक गनर उन्हें मिला हुआ था। पिछले दिनों उसे हटाने की भी एक रिपोर्ट आई। फिलहाल गनर मनोज सिंह के पास है।
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मनोज सिंह ने लोकायुक्त को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि एसीपी एलआईयू को मोबाइल दिलाया, उन्होंने एक दुकान से पुखराज लिया था। उसका भुगतान किया। शिकायत में रुपये से संबंधित आरोप भी लगाए गए हैं। कारोबारी का कहना है कि उनके परिवार को खतरा है। वह हर साल सुरक्षा के लिए लाखों रुपये खर्च करते हैं।
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कमेटी करती है गनर का फैसला, आरोप निराधार
एसीपी एलआईयू सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि चुनाव में फोर्स की जरूरत है। कई लोगों के गनर वापस बुलाए गए। गनर देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। इसके लिए एक कमेटी होती है। मनोज सिंह का गनर हटाने का आदेश कमेटी का है। वह खुद भी चाहते हैं कि इस प्रकरण की गहराई से जांच हो। उनकी छवि धूमिल करने की साजिश रची गई है। दबाव बनाया जा रहा है ताकि गनर बना रहे।