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कोख के सौदागरः पुलिस पूछताछ में गिरोह ने उगले 'राज', बताई दो साल की पूरी कहानी
Tue, 23 Jun 2020 12:28 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 23 Jun 2020 12:28 PM IST
सार
पति से अलग रहने वाली महिलाओं को तलाशते थे एजेंट, सरगना भेजती थी रकम
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कोख के सौदागरों को जेल भेजती पुलिस (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोख के सौदागरों के बारे में सोमवार को आगरा पुलिस ने फरीदाबाद जाकर जांच-पड़ताल की तो पता चला कि गिरोह दो साल में 30 महिलाओं की कोख किराए पर ले चुका है। इस पूरे खेल में अस्पतालों की मिलीभगत की आशंका है। जेल भेजी गईं दो महिलाओं से फरीदाबाद के जिन दो अस्पतालों के कागजात मिले, उन्हें नोटिस दे दिए गए हैं। अभी और भी अस्पतालों के नाम आ सकते हैं।
एसपीआरए प्रमोद कुमार ने बताया कि चारों राज्यों में गैंग के 20 से 25 एजेंट होने की संभावना है। अब तक जिन 30 महिलाओं को प्रसव के लिए गैंग दो साल में नेपाल ले जा चुका है, उनका विवरण जुटाया जा रहा है। कुछ एजेंटों के बारे में भी जानकारी मिली है। जेल भेजी गई महिला रूबी और नीलम के पास से फरीदाबाद के सेक्टर 19 स्थित धर्म देवी हॉस्पिटल और साईं धाम रोड स्थित गेटवेल अस्पताल के कागजात मिले थे। यह सभी कागजात उपचार से संबंधित थे। सोमवार को पुलिस की टीम इन दोनों अस्पतालों में गई।
कोख के सौदागर: यूपी से नेपाल तक फैला है अंतरराष्ट्रीय गिरोह, ऐसे चलता है पूरा नेटवर्क
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इनके प्रबंधकों को नोटिस दिया गया है। इसमें पूछा गया कि महिलाओं से बरामद दस्तावेज अगर, उनके हॉस्पिटल के हैं तो इलाज किसने और कब-कब कराया? चिकित्सक से मिलने कौन लोग आए? इन सबकी जानकारी मांगी गई है।
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एसपीआरए प्रमोद कुमार ने बताया कि चारों राज्यों में गैंग के 20 से 25 एजेंट होने की संभावना है। अब तक जिन 30 महिलाओं को प्रसव के लिए गैंग दो साल में नेपाल ले जा चुका है, उनका विवरण जुटाया जा रहा है। कुछ एजेंटों के बारे में भी जानकारी मिली है। जेल भेजी गई महिला रूबी और नीलम के पास से फरीदाबाद के सेक्टर 19 स्थित धर्म देवी हॉस्पिटल और साईं धाम रोड स्थित गेटवेल अस्पताल के कागजात मिले थे। यह सभी कागजात उपचार से संबंधित थे। सोमवार को पुलिस की टीम इन दोनों अस्पतालों में गई।
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कोख के सौदागर: यूपी से नेपाल तक फैला है अंतरराष्ट्रीय गिरोह, ऐसे चलता है पूरा नेटवर्क
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इनके प्रबंधकों को नोटिस दिया गया है। इसमें पूछा गया कि महिलाओं से बरामद दस्तावेज अगर, उनके हॉस्पिटल के हैं तो इलाज किसने और कब-कब कराया? चिकित्सक से मिलने कौन लोग आए? इन सबकी जानकारी मांगी गई है।
नेपाल में बैठी सरगना अस्मिता महिलाओं तक एजेंट के माध्यम से पहुंचाती है रकम
कोख के सौदागर गैंग की सरगना अस्मिता नेपाल में है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह एजेंटों के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं की तलाश करती है, उन्हें सरोगेसी के लिए तैयार करती है और फिर रकम उनके खाते में पहुंचा देती है।
जरूरतमंद और पतियों से अलग रहने वाली महिलाओं को चुनने के बाद सरगना एजेंट के माध्यम से उन्हें नेपाल बुलाती है। वहां के चिकित्सक से सरोगेसी की प्रक्रिया कराने के बाद महिला को वापस अपने घर भेज दिया जाता है। एसपी ने बताया कि इसके बाद घर के पास के ही चिकित्सकों से सांठगांठ करके महिलाएं उपचार कराती रहती हैं। बाद में प्रसव के लिए फिर से नेपाल ही लेकर जाया जाता है।
यह है मामला
20 जून की दोपहर को फतेहाबाद पुलिस ने लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल पर दो गाड़ियों में दो महिलाओं और तीन युवकों को पकड़ा था। उनके पास से तीन नवजात बच्चियां भी मिली थीं। इनमें चालक नई दिल्ली निवासी अमित, राहुल, फरीदाबाद निवासी रूबी, दूसरी कार का चालक प्रदीप कुमार और नीलम थे। इनके पास दो अस्पतालों के दस्तावेज मिले थे, जिनमें प्रसव कराने की बात कही गई थी। आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने पूछताछ की थी।
कोख के सौदागर गैंग की सरगना अस्मिता नेपाल में है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह एजेंटों के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं की तलाश करती है, उन्हें सरोगेसी के लिए तैयार करती है और फिर रकम उनके खाते में पहुंचा देती है।
जरूरतमंद और पतियों से अलग रहने वाली महिलाओं को चुनने के बाद सरगना एजेंट के माध्यम से उन्हें नेपाल बुलाती है। वहां के चिकित्सक से सरोगेसी की प्रक्रिया कराने के बाद महिला को वापस अपने घर भेज दिया जाता है। एसपी ने बताया कि इसके बाद घर के पास के ही चिकित्सकों से सांठगांठ करके महिलाएं उपचार कराती रहती हैं। बाद में प्रसव के लिए फिर से नेपाल ही लेकर जाया जाता है।
यह है मामला
20 जून की दोपहर को फतेहाबाद पुलिस ने लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल पर दो गाड़ियों में दो महिलाओं और तीन युवकों को पकड़ा था। उनके पास से तीन नवजात बच्चियां भी मिली थीं। इनमें चालक नई दिल्ली निवासी अमित, राहुल, फरीदाबाद निवासी रूबी, दूसरी कार का चालक प्रदीप कुमार और नीलम थे। इनके पास दो अस्पतालों के दस्तावेज मिले थे, जिनमें प्रसव कराने की बात कही गई थी। आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने पूछताछ की थी।