{"_id":"5c06a0e4bdec2241ae4f5a7e","slug":"police-inspector-did-not-surrender-in-court-in-custodial-ceath-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राजू गुप्ता हत्याकांड: दरोगा ने दिया पुलिस को झटका, नहीं किया कोर्ट में सरेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजू गुप्ता हत्याकांड: दरोगा ने दिया पुलिस को झटका, नहीं किया कोर्ट में सरेंडर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 04 Dec 2018 09:14 PM IST
विज्ञापन
थाना सिकंदरा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के सिकंदरा थाना में थर्ड डिग्री दिए जाने से युवक राजू गुप्ता की मौत हो जाने के मामले में आरोपी बताए जा रहे दरोगा अनुज सिरोही ने पुलिस को जोर का झटका दिया है। पुलिस उम्मीद लगाए बैठी थी कि वो मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर देगा।
इसी उम्मीद में उसे गिरफ्तार करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया लेकिन आरोपी दरोगा कोर्ट में पेश नहीं हुआ। उसने अर्जी भेज दी। कहा है कि सरेंडर के लिए दो दिन का वक्त और चाहिए।
22 नवंबर को पिटाई किए जाने और करंट लगाए जाने से गैलाना रोड निवासी राजू की मौत हो गई थी। राजू की मां रेनूलता की ओर से दर्ज एफआईआर में पड़ोस के रहने वाले कारोबारी अंशुल कुमार और उनका बेटा विवेक कुमार सिंह नामजद कराए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी उम्मीद में उसे गिरफ्तार करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया लेकिन आरोपी दरोगा कोर्ट में पेश नहीं हुआ। उसने अर्जी भेज दी। कहा है कि सरेंडर के लिए दो दिन का वक्त और चाहिए।
विज्ञापन
22 नवंबर को पिटाई किए जाने और करंट लगाए जाने से गैलाना रोड निवासी राजू की मौत हो गई थी। राजू की मां रेनूलता की ओर से दर्ज एफआईआर में पड़ोस के रहने वाले कारोबारी अंशुल कुमार और उनका बेटा विवेक कुमार सिंह नामजद कराए गए थे।
विज्ञापन
कोर्ट में सरेंडर के लिए दी अर्जी
पुलिसकर्मी अज्ञात में थे। घटना के तुरंत बाद से दरोगा अनुज सिरोही गैर हाजिर हो गया। मान लिया गया कि वो भी राजू की पिटाई में शामिल रहा। उसने सरेंडर के लिए कोर्ट में अर्जी दी। इस पर चार दिसंबर की तारीख लगी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कई पुलिसकर्मी उसके संपर्क में हैं। उसने सभी से कहा था कि वो चार दिसंबर को कोर्ट पहुंच जाएगा। इसी उम्मीद पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने का कोई प्रयास नहीं किया, लेकिन वो नहीं आया।
उधर अंशुल का भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पा रही है। वारदात में और भी पुलिसकर्मी शामिल हैं। उनका नाम अभी तक खोला नहीं गया है। राजू की मां का कहना है कि जब पुलिस उन्हें थाना ले गई, तब कम से कम पांच पुलिसकर्मी राजू को पीट रहे थे जबकि पूरा थाना मौजूद था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कई पुलिसकर्मी उसके संपर्क में हैं। उसने सभी से कहा था कि वो चार दिसंबर को कोर्ट पहुंच जाएगा। इसी उम्मीद पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने का कोई प्रयास नहीं किया, लेकिन वो नहीं आया।
उधर अंशुल का भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पा रही है। वारदात में और भी पुलिसकर्मी शामिल हैं। उनका नाम अभी तक खोला नहीं गया है। राजू की मां का कहना है कि जब पुलिस उन्हें थाना ले गई, तब कम से कम पांच पुलिसकर्मी राजू को पीट रहे थे जबकि पूरा थाना मौजूद था।
सांसद, विधायक के जाने का असर नहीं
सांसद व एससी आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया, विधायक जगन प्रसाद गर्ग और मेयर नवीन जैन राजू के घर गए। सभी ने कहा कि कार्रवाई में तेजी आएगी, निष्पक्ष जांच होगी, आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ है।
न तो कार्रवाई में तेजी आई है और न ही जांच ठीक से आगे बढ़ पा रही है। निष्पक्षता की बात ही क्या की जाए, जब राजू की मां से उन पुलिसकर्मियों की शिनाख्त तक नहीं कराई जा रही जिन्होंने उनके सामने उनके बेटे को पीटा था।
आरोपी अधिवक्ता को कोर्ट में पेश किया
इसी मामले में आरोपी अधिवक्ता विवेक कुमार परिहार को मंगलवार को रिमांड पेशी पर लाया गया। इस दौरान सेल्स टैक्स के तमाम अधिवक्ता पहुंच गए। उनका कहना था कि विवेक कुमार परिवार को इस केस में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे राजनैतिक षणयंत्र है।
इस दौरान अधिवक्ता रवि प्रकाश अग्रवाल, राजीव चंदेल, हीरेंद्र गुप्ता, दिनेश शर्मा, गिरधारी लाल चौरसिया, पियूष खंडेलवाल, संजीव यादव, अतुल हरि कुलश्रेष्ठ मौजूद रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विवेक का नाम नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन करेंगे।
न तो कार्रवाई में तेजी आई है और न ही जांच ठीक से आगे बढ़ पा रही है। निष्पक्षता की बात ही क्या की जाए, जब राजू की मां से उन पुलिसकर्मियों की शिनाख्त तक नहीं कराई जा रही जिन्होंने उनके सामने उनके बेटे को पीटा था।
आरोपी अधिवक्ता को कोर्ट में पेश किया
इसी मामले में आरोपी अधिवक्ता विवेक कुमार परिहार को मंगलवार को रिमांड पेशी पर लाया गया। इस दौरान सेल्स टैक्स के तमाम अधिवक्ता पहुंच गए। उनका कहना था कि विवेक कुमार परिवार को इस केस में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे राजनैतिक षणयंत्र है।
इस दौरान अधिवक्ता रवि प्रकाश अग्रवाल, राजीव चंदेल, हीरेंद्र गुप्ता, दिनेश शर्मा, गिरधारी लाल चौरसिया, पियूष खंडेलवाल, संजीव यादव, अतुल हरि कुलश्रेष्ठ मौजूद रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विवेक का नाम नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन करेंगे।