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Agra News: पुलिस हथियार ढूंढ़ पाई न गवाह, आरोपी दोषमुक्त
Fri, 16 Oct 2026 03:12 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 16 Oct 2026 03:12 AM IST
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आगरा। सदर थाना क्षेत्र के रोहता निवासी कुंटू उर्फ देवेंद्र सिंह को अपर जिला जज मृदुल दुबे की अदालत ने हत्या के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। दो माह पुराने विवाद के आधार पर दर्ज इस मामले में पुलिस न तो हत्या में इस्तेमाल हथियार का पता लगा सकी और न ही कोई ऐसा गवाह तलाश पाई जिसने मृतक को आखिरी बार आरोपी के साथ देखा हो।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, रोहता निवासी ऑटो चालक मनोज 22 जनवरी, 2019 को घर से निकले थे लेकिन देर रात तक नहीं लौटे। अगले दिन उनका शव रोहता इंटर कॉलेज के पीछे कच्चे रास्ते पर मिला। मृतक की पत्नी सीमा ने घटना से दो माह पूर्व पति के साथ हुए विवाद के आधार पर कुंटू उर्फ देवेंद्र सिंह पर हत्या का शक जताते हुए तहरीर दी। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता सीमा, मृतक के भाई संजय दुबे और चिकित्सक सुमंत कुमार सिंह सहित आठ गवाह पेश किए लेकिन वे परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने में असफल रहे।
अदालत ने विवेचना पर की सख्त टिप्पणी
अदालत ने विवेचना में गंभीर कमियां पाईं। अदालत ने कहा कि केवल आरोपपत्र दाखिल करने और केस डायरी के पर्चे काटने मात्र से अभियुक्त दोष सिद्ध नहीं होता। विवेचना में गंभीर खामियों को देखते हुए अदालत ने आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त आगरा और जिलाधिकारी आगरा को भेजने के निर्देश भी दिए हैं।
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दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, रोहता निवासी ऑटो चालक मनोज 22 जनवरी, 2019 को घर से निकले थे लेकिन देर रात तक नहीं लौटे। अगले दिन उनका शव रोहता इंटर कॉलेज के पीछे कच्चे रास्ते पर मिला। मृतक की पत्नी सीमा ने घटना से दो माह पूर्व पति के साथ हुए विवाद के आधार पर कुंटू उर्फ देवेंद्र सिंह पर हत्या का शक जताते हुए तहरीर दी। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता सीमा, मृतक के भाई संजय दुबे और चिकित्सक सुमंत कुमार सिंह सहित आठ गवाह पेश किए लेकिन वे परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने में असफल रहे।
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अदालत ने विवेचना पर की सख्त टिप्पणी
अदालत ने विवेचना में गंभीर कमियां पाईं। अदालत ने कहा कि केवल आरोपपत्र दाखिल करने और केस डायरी के पर्चे काटने मात्र से अभियुक्त दोष सिद्ध नहीं होता। विवेचना में गंभीर खामियों को देखते हुए अदालत ने आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त आगरा और जिलाधिकारी आगरा को भेजने के निर्देश भी दिए हैं।
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