{"_id":"5e32a70c8ebc3e4b650a96cf","slug":"police-busted-fake-bank-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फर्जी बैंक का भंडाफोड़, दो साल में 400 लोग बने ठगी का शिकार, सामने आई चौंकाने वाली जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी बैंक का भंडाफोड़, दो साल में 400 लोग बने ठगी का शिकार, सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
Thu, 30 Jan 2020 03:26 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 30 Jan 2020 03:26 PM IST
विज्ञापन
फर्जी बैंक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के शाहगंज क्षेत्र में इनक्रेडिबल बैंक के नाम से फर्जी बैंक संचालित हो रहा था। बैंक में मामूली ब्याज पर ऋण और रकम दोगुना करने का लालच देकर खाते खुलवाए जा रहे थे। पुलिस ने बृहस्पतिवार को फर्जी बैंक का भंडा फोड़ किया।
पुलिस ने जालसाली गिरोह के तीन सरगना सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दो साल के अंदर 400 लोगों के खाते खोलने के नाम पर 60 लाख रुपये ठग लिए। फतेहपुर सीकरी और इरादतनगर में भी बैंक की शाखाएं खोली गईं।
पिछले दिनों शाहगंज निवासी हैदर ने एसएसपी बबलू कुमार से शिकायत की थी। इसमें कहा था कि कई लोगों से बैंक में रकम जमा करने के नाम पर ठगी की गई है। इस पर एसएसपी ने जांच कराई। साइबर सेल और शाहगंज पुलिस को लगाया गया। इसके बाद गैंग को पकड़ लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने जालसाली गिरोह के तीन सरगना सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दो साल के अंदर 400 लोगों के खाते खोलने के नाम पर 60 लाख रुपये ठग लिए। फतेहपुर सीकरी और इरादतनगर में भी बैंक की शाखाएं खोली गईं।
विज्ञापन
पिछले दिनों शाहगंज निवासी हैदर ने एसएसपी बबलू कुमार से शिकायत की थी। इसमें कहा था कि कई लोगों से बैंक में रकम जमा करने के नाम पर ठगी की गई है। इस पर एसएसपी ने जांच कराई। साइबर सेल और शाहगंज पुलिस को लगाया गया। इसके बाद गैंग को पकड़ लिया गया।
विज्ञापन
लालच देकर खुलवाते थे खाता
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि इनक्रेडिबल बैंक के सरगना रघुवीर, अफरोज और नेमीचंद सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बैंक के सरगना और सदस्य लोगों को सौ, 160, 300, 500, 1000 और 10 हजार रुपये प्रतिमाह का खाता खोलने का झांसा देते थे।
इस पर अन्य बैंक से अधिक ब्याज देने का वादा करते थे। एक, दो और तीन साल तक लगातार रकम जमा करने पर दोगुना करने का लालच भी देते थे। इसके अलावा सस्ती ब्याज पर लोन, पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, मोर्गेज लोन, पशुधन लोन देने का आश्वासन देते थे। एफडी और आरडी के नाम पर भी रकम जमा कराते थे।
गिरोह के टारगेट पर गरीब वर्ग, ग्रामीण क्षेत्र के लोग और बेरोजगार रहते थे। इन्हें ज्यादा जानकारी न होने का फायदा उठाते थे। लोगों को एक फर्जी पासबुक देते थे। इस पर पेन से रकम जमा होने के बारे में लिखकर भेज देते थे।
इस पर अन्य बैंक से अधिक ब्याज देने का वादा करते थे। एक, दो और तीन साल तक लगातार रकम जमा करने पर दोगुना करने का लालच भी देते थे। इसके अलावा सस्ती ब्याज पर लोन, पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, मोर्गेज लोन, पशुधन लोन देने का आश्वासन देते थे। एफडी और आरडी के नाम पर भी रकम जमा कराते थे।
गिरोह के टारगेट पर गरीब वर्ग, ग्रामीण क्षेत्र के लोग और बेरोजगार रहते थे। इन्हें ज्यादा जानकारी न होने का फायदा उठाते थे। लोगों को एक फर्जी पासबुक देते थे। इस पर पेन से रकम जमा होने के बारे में लिखकर भेज देते थे।
बेरोजगार लोगों को खाता खोलने पर छह महीने बाद व्यापार के लिए दस हजार और बीस हजार रुपये का लोन देने की कहते थे। यह बैंक दो साल से चल रहा था। लोगों से रकम जमा करने के बाद सरगना अपने खाते में ही जमा करते थे। पुलिस आरोपियों के खातों को खंगाल रही है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
सिकंदरा के दहतोरा निवासी रघुवीर, खेरागढ़ के खटीक पाड़ा निवासी नेमीचंद, नरीपुरा निवासी अफरोज, नगला पदी निवासी लोकेश, धनौली निवासी रीतीराम और रोहता निवासी प्रवीन रावत हैं। उनके पास से आठ मोबाइल, चार सीपीयू, तीन मॉनीटर, एक प्रिंटर, तीन की बोर्ड, तीन माउस, 95 फर्जी बैंक पासबुक, 500 फर्जी एओएफ फार्म, तीन फर्जी आईडी कार्ड, दो बैंक मुहर और एक पैड बरामद हुआ है। लोकेश की प्रिंटिंग संजय प्लेस में है। वह बैंक के लिए कागजात उपलब्ध कराता था।
इनकी हुई गिरफ्तारी
सिकंदरा के दहतोरा निवासी रघुवीर, खेरागढ़ के खटीक पाड़ा निवासी नेमीचंद, नरीपुरा निवासी अफरोज, नगला पदी निवासी लोकेश, धनौली निवासी रीतीराम और रोहता निवासी प्रवीन रावत हैं। उनके पास से आठ मोबाइल, चार सीपीयू, तीन मॉनीटर, एक प्रिंटर, तीन की बोर्ड, तीन माउस, 95 फर्जी बैंक पासबुक, 500 फर्जी एओएफ फार्म, तीन फर्जी आईडी कार्ड, दो बैंक मुहर और एक पैड बरामद हुआ है। लोकेश की प्रिंटिंग संजय प्लेस में है। वह बैंक के लिए कागजात उपलब्ध कराता था।
शाहगंज में कर चुके हैं 40 लाख की ठगी
पुलिस ने बताया कि गैंग के सरगना वर्ष 2013 से 2017 तक इंडिया कैटल एग्रो और इंडिया पशु पालन एंड कृषि विकास लिमिटेड के नाम से फर्म चलाते थे। तब भी लोगों से 500 और एक हजार रुपये दोगुना करने के नाम पर जमा कराए थे। तकरीबन 300 लोगों से 40 लाख रुपये की ठगी की थी।
शाहगंज क्षेत्र में सबसे ज्यादा लोग ठगी का शिकार हुए। कुछ लोगों ने एक या दो महीने में रकम जमा करना बंद कर दिया। इस कारण थाना में शिकायत भी नहीं की गई। कई बार लोगों से 50 और 100 रुपये लेकर लकी ड्रा का झांसा देकर भी रकम जमा कराई थी।
निकाली थी कर्मचारियों की भर्ती
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि गिरोह ने हाल ही में भर्ती भी निकाली थी। इसमें शाखा प्रबंधक से लेकर सेल्स ऑफिसर तक को भर्ती कर रहे थे। इसके लिए इंटरव्यू करने वाले थे।
शाहगंज क्षेत्र में सबसे ज्यादा लोग ठगी का शिकार हुए। कुछ लोगों ने एक या दो महीने में रकम जमा करना बंद कर दिया। इस कारण थाना में शिकायत भी नहीं की गई। कई बार लोगों से 50 और 100 रुपये लेकर लकी ड्रा का झांसा देकर भी रकम जमा कराई थी।
निकाली थी कर्मचारियों की भर्ती
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि गिरोह ने हाल ही में भर्ती भी निकाली थी। इसमें शाखा प्रबंधक से लेकर सेल्स ऑफिसर तक को भर्ती कर रहे थे। इसके लिए इंटरव्यू करने वाले थे।