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कवि सम्मेलन : चंद ठेकेदार नदियों का किनारा खा गए... गांव के प्रधान भी तो, ईंट गारा खा गए
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कवि सम्मेलन में कविता पाठ करती कवयित्री।
- फोटो : bah
बाह। जैतपुर के पचपेड़ा में पुत्तूलाल दौनेरिया की स्मृति में आयोजित कवि सम्मेलन में विनोद सांवरिया ने भ्रष्टाचार की परतें अपनी रचना ''चंद ठेकेदार नदियों का किनारा खा गए, गांव के प्रधान भी तो, ईंट-गारा खा गए'' के माध्यम से उधेड़ कर खूब वाहवाही लूटी।
राजीव रसधर ने ''चना कौ साग और बथुआ खोंटि रहे देखो ठलुआ, गांव की बात अलग है कि हर सौगात अलग है'' से गांव की तस्वीर पेश की। नरायन हरि नमन ने ''शराब, शबाब और कबाब का नशा छोड़ो मित्रो, मां भारती पर मर मिटे वो नशा होना चाहिए से खूब तालियां बटोरी। राकेश तैनगुरिया, सुबोध सुलभ, रजिया बेगम जिया ने भी काव्यपाठ किया। अध्यक्षता डॉ. राजकुमार रंजन और संचालन विनोद सांवरिया ने किया। इस दौरान मुन्ना लंबर, डॉ. विजय दौनेरिया, पवन टाइगर, डॉ. योगिता दौनेरिया, नीरज भारद्वाज, परशुराम शर्मा, सुरेश शर्मा, ललित महेरे, मुकेश कुमार, अजय कुशवाह आदि रहे।
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राजीव रसधर ने ''चना कौ साग और बथुआ खोंटि रहे देखो ठलुआ, गांव की बात अलग है कि हर सौगात अलग है'' से गांव की तस्वीर पेश की। नरायन हरि नमन ने ''शराब, शबाब और कबाब का नशा छोड़ो मित्रो, मां भारती पर मर मिटे वो नशा होना चाहिए से खूब तालियां बटोरी। राकेश तैनगुरिया, सुबोध सुलभ, रजिया बेगम जिया ने भी काव्यपाठ किया। अध्यक्षता डॉ. राजकुमार रंजन और संचालन विनोद सांवरिया ने किया। इस दौरान मुन्ना लंबर, डॉ. विजय दौनेरिया, पवन टाइगर, डॉ. योगिता दौनेरिया, नीरज भारद्वाज, परशुराम शर्मा, सुरेश शर्मा, ललित महेरे, मुकेश कुमार, अजय कुशवाह आदि रहे।
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