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ताजनगरी के इस चौराहे पर रहें सावधान, आगरा आने वाले भी इन बातों को रखें ध्यान

Thu, 16 Jan 2020 01:51 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 16 Jan 2020 01:51 PM IST
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pocket maar gang active in city buses in agra
सिटी बस में यात्रियों को जेब कतरों से सावधान करता कंडक्टर - फोटो : अमर उजाला
आगरा के भगवान टॉकीज चौराहे पर यात्री जेब कतरों से सावधान रहें। पर्स और अन्य सामान का भी ध्यान रखें। सिटी बसों के चालक इसी तरह यात्रियों को जेबकतरों से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं। भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा और बिजलीघर तक जेब तराशी की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं।
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सिटी बसों का एक रूट भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा का है। शहर में बाहर से आने वाले लोग भगवान टॉकीज से ही सिटी बसों में सवार होते हैं। इनमें वे लोग भी होते हैं जो हरीपर्वत, बाग फरजाना, देहली गेट के अस्पतालों में भर्ती अपने परिचित मरीजों को देखने जा रहे होते हैं। इनकी जेब और पर्स को देखते ही पॉकेटमार ताड़ लेते हैं।
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जेब कटने पर लोग बस चालक और परिचालक से भी सवाल-जवाब करते हैं। इसलिए बस चालकों ने लोगों को पॉकेट मारों से सावधान करना शुरू किया है। ये भी बता रहे हैं कि पॅाकेटमार आपके बैग के बराबर में अपना बैग रखेंगे। उनका बैग कटा हुआ होगा। इसमें से हाथ देकर आपके बैग को ब्लेड से काटेंगे और पैसा निकाल लेंगे।
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इटावा, अलीगढ़ से भी आ रहे गिरोह 

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भगवान टॉकीज चौराहे पर सिटी बस में चढ़ते लोग - फोटो : अमर उजाला
न्यू आगरा, हरीपर्वत, नाई की मंडी और रकाबगंज थाना पुलिस ने एक साल में पॉकेटमारों के 11 गिरोह को पकड़ा है। इनमें फिरोजाबाद, मथुरा, इटावा और अलीगढ़ के गिरोह शामिल हैं। आगरा में हरीपर्वत क्षेत्र की गिहारा बस्ती और शाहगंज के जोगीपाड़ा के रहने वाले पॉकेटमार पकड़े गए हैं। मथुरा से महिला पॉकेटमारों का गिरोह आता है।
 
नोट के बीच में रखते हैं ब्लेड 

हरीपर्वत थाना के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि दो महीने पहले पकड़े गए पॉकेटमार की तलाशी ली गई तो पहली बार में ब्लेड नहीं मिला। सख्ती से पूछा तो उसने बताया कि ब्लेड दस के नोट के बीच में छिपाकर रखा है। तलाशी लेने पर यह मिल गया। कई जेब कतरे ब्लेड को ऊपर वाले होठ के नीचे छिपाकर रखते हैं। महिला पॉकेटमार सर्जिकल ब्लेड का इस्तेमाल करती हैं।

28 मई 2019 : अवधपुरी निवासी ऑटो पार्ट्स कारोबारी संजीव कुमार की जेब से शाहगंज में एक लाख निकाल लिए थे।
05 जुलाई 2019 : भगवान टॉकीज पर सिटी बस में एटा निवासी धीरेंद्र की जेब से 1.5 लाख रुपये निकाल लिए थे।
17 मई 2019 : भगवान टॉकीज पर सिटी बस में ताजगंज निवासी जनक सिंह की जेब से 75000 रुपये निकाल लिए। वह बेटी की कोचिंग
की फीस जमा कराने खंदारी जा रहे थे। 

आपका हाथ देखकर पता लगाते हैं कैश का

20 से ज्यादा पॉकेटमारों को गिरफ्तार कर चुके इंस्पेक्टर अजय कौशल बताते हैं कि  ये लोग बस में चढ़ते ही सबसे पहले उस जेब पर हाथ रखते हैं जिसमें कैश हो। वे चेक करते हैं कि पर्स या पैसा सुरक्षित है या नहीं? इसी से पॉकेटमार ताड़ लेते हैं कि पैसा किस जेब में है।

सुरक्षा नहीं, सखी बस भी बंद

मेरी सहेली का पर्स कट चुका है। बसों में पुलिस की सुरक्षा होनी चाहिए - रंजना अग्रवाल, अलबतिया
सखी बसें चलाई गई थी, वे बंद कर दी, इन बसों में कोई सुरक्षा नहीं है - लज्जा देवी, राम नगर की पुलिया
रोडवेज चालकों की यह अच्छी पहल है, इससे यात्री जागरूक होंगे, पॉकेटमार पकड़े जाएंगे - दीप्ति , राजामंडी
सिर्फ बस ही नहीं, ऑटो में भी पॉकेटमार गिरोह चलते हैं, पुलिस को इन्हें पकड़ने का अभियान चलाना चाहिए - निशा झा, शाहगंज 
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