Mainpuri: निमोनिया के लगातार बढ़ रहे मरीज, दो और बच्चों ने तोड़ा दम, जानें लक्षण और बचाव के उपाय
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य ने बताया कि मौसम में परिवर्तन के कारण निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। यह संख्या कई गुना और भी बढ़ सकती है। इसलिए जागरूकता जरुरी है। बच्चों को निमोनिया से बचाव के लिए उनका सर्दी से बचाव रखें।
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मैनपुरी जिले में निमोनिया के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। निमोनिया से मरने वाले बच्चों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार की रात अलग-अलग क्षेत्रों में निमोनिया से पीड़ित दो बच्चों की मौत हो गई। जबकि दो अन्य बच्चों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया है।
शुक्रवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में सर्दी, जुकाम, बुखार, निमोनिया आदि से पीड़ित 122 बच्चे उपचार के लिए पहुंचे। इनमें सात बच्चों को गंभीर हालत देखते हुए भर्ती कराया गया। जिनमें से दो बच्चे हालत बिगडने पर मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किए गए। शहर के मोहल्ला किला बजरिया निवासी अमित कुमार की पांच माह की पुत्री तान्या को पिछले तीन दिन से सर्दी, जुकाम था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे।
हालत बिगड़ने पर बृहस्पतिवार की रात परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कटरा समान निवासी अनुज कुमार के डेढ़ माह के पुत्र को पिछले कुछ दिनों से सर्दी जुकाम के साथ निमोनिया थी। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। बृहस्पतिवार को परिजन उसे लेकर सौ शैया अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य ने बताया कि मौसम में परिवर्तन के कारण निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। यह संख्या कई गुना और भी बढ़ सकती है। इसलिए जागरूकता जरुरी है। बच्चों को निमोनिया से बचाव के लिए उनका सर्दी से बचाव रखें।
एक महीने में नौ बच्चों की हो चुकी है मौत
जिले में निमोनिया से इस महीने लगतार मौत हो रही हैं। पिछले 25 दिनों में जिले में नौ बच्चों की निमोनिया से पीड़ित होने पर मौत हुई है। जबकि जिले में 500 से अधिक बच्चे निमोनिया की चपेट में हैं। जो विभिन्न डॉक्टरों के यहां उपचार ले रहे हैं।
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निमोनिया के लक्षण
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द
-65 वर्ष व उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों में मानसिक भ्रम की स्थिति
-खांसी, जो कफ पैदा कर सकती है
- थकान महसूस होना
- बुखार, पसीना और कंपकंपी ठंड लगना
- सामान्य शरीर के तापमान से कम
- मतली, उल्टी या दस्त
- सांस लेने में परेशानी
बचाव के उपाय
- बच्चों को सुबह शाम गर्म कपड़े पहनाएं
- बच्चों को सुबह शाम नंगे पैर न चलने दें
- निमोनिया और फ्लू से बचाव के लिए टीके लगवाएं
- जरा भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार लें
- बुजुर्ग धूम्रपान से परहेज करें