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Agra: विश्वकर्मा प्रदर्शनी में दिखा कारीगरों का कमाल, 50 से ज्यादा स्टॉल्स पर सजा हुनर का बाजार
Wed, 11 Mar 2026 10:19 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 11 Mar 2026 10:19 AM IST
सार
आगरा के खंदारी परिसर में आयोजित दो दिवसीय पीएम विश्वकर्मा प्रदर्शनी में विभिन्न जिलों के शिल्पकारों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों ने कारीगरों को आधुनिक तकनीक, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग के गुर भी सिखाए।
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कुलपति प्रो. आशु रानी ने मेले का शुभारंभ किया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के हुनर को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से एमएसएमई–विकास कार्यालय ने मंगलवार को खंदारी परिसर में दो दिवसीय पीएम विश्वकर्मा प्रदर्शनी एवं व्यापार मेला आयोजित किया। मुख्य अतिथि डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने मेले का शुभारंभ किया।
प्रदर्शनी में विभिन्न जिलों से आए 18 ट्रेड शिल्पकारों ने कौशल का प्रदर्शन किया। मेले में लगे 50 से अधिक स्टॉल्स पर हाथरस की प्रसिद्ध हींग से लेकर मुरादाबाद के पीतल के बर्तन और अन्य जनपदों के विशिष्ट उत्पादों का संगम देखने को मिला।
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प्रदर्शनी में विभिन्न जिलों से आए 18 ट्रेड शिल्पकारों ने कौशल का प्रदर्शन किया। मेले में लगे 50 से अधिक स्टॉल्स पर हाथरस की प्रसिद्ध हींग से लेकर मुरादाबाद के पीतल के बर्तन और अन्य जनपदों के विशिष्ट उत्पादों का संगम देखने को मिला।
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मील का पत्थर साबित होगी योजना : प्रो. आशु रानी
कुलपति प्रो. आशु रानी ने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना देश के पारंपरिक कारीगरों को नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने कारीगरों का आह्वान किया कि वे अपने पुश्तैनी हुनर को आधुनिक विपणन (मार्केटिंग) और तकनीकी ज्ञान के साथ जोड़ें। एमएसएमई-डीएफओ के निदेशक विष्णु कुमार वर्मा ने बताया कि विभाग का मुख्य लक्ष्य कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और वित्तीय सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना देश के पारंपरिक कारीगरों को नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने कारीगरों का आह्वान किया कि वे अपने पुश्तैनी हुनर को आधुनिक विपणन (मार्केटिंग) और तकनीकी ज्ञान के साथ जोड़ें। एमएसएमई-डीएफओ के निदेशक विष्णु कुमार वर्मा ने बताया कि विभाग का मुख्य लक्ष्य कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और वित्तीय सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
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तकनीकी सत्रों में मिली गुरुमंत्र की सीख
मेले के पहले दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने कारीगरों को उत्पाद की ब्रांड वैल्यू बढ़ाने के तरीके सिखाए।
पैकेजिंग और ब्रांडिंग : भारतीय पैकेजिंग संस्थान के उप निदेशक ऋषु गौतम ने आकर्षक पैकेजिंग और उत्पाद डिजाइनिंग से बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त करने की जानकारी दी।
डिजिटल बाजार : वॉलमार्ट आगरा के प्रबंधक विकास त्यागी ने ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री बढ़ाने के तरीके साझा किए।
सरकारी खरीद : कारीगरों को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जैम) पोर्टल पर पंजीकरण कर सीधे सरकारी विभागों को अपना सामान बेचने के बारे में जानकारी दी गई।
बिना गारंटी लोन : सिडबी के सहायक प्रबंधक अविनाश झा ने बिना किसी गारंटी के ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।
मेले के पहले दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने कारीगरों को उत्पाद की ब्रांड वैल्यू बढ़ाने के तरीके सिखाए।
पैकेजिंग और ब्रांडिंग : भारतीय पैकेजिंग संस्थान के उप निदेशक ऋषु गौतम ने आकर्षक पैकेजिंग और उत्पाद डिजाइनिंग से बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त करने की जानकारी दी।
डिजिटल बाजार : वॉलमार्ट आगरा के प्रबंधक विकास त्यागी ने ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री बढ़ाने के तरीके साझा किए।
सरकारी खरीद : कारीगरों को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जैम) पोर्टल पर पंजीकरण कर सीधे सरकारी विभागों को अपना सामान बेचने के बारे में जानकारी दी गई।
बिना गारंटी लोन : सिडबी के सहायक प्रबंधक अविनाश झा ने बिना किसी गारंटी के ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।
सांस्कृतिक छटा और संवाद
अतिथियों ने प्रदर्शनी में लगे स्टॉल्स का निरीक्षण कर कारीगरों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इससे पूर्व सहायक निदेशक (ग्रेड-1) नेहा महतो ने अतिथियों का स्वागत किया और अंत में सहायक निदेशक अवधेश कुमार ने आभार जताया। इस अवसर पर एडीएम धीरेंद्र सिंह, पीपीडीसी के प्रिंसिपल डायरेक्टर सचिन राजपाल, केवीआईसी मेरठ के उपनिदेशक एचएन मीणा और डीआईसी के सहायक आयुक्त हुकुम चंद दिनकर आदि भी उपस्थित रहे।
अतिथियों ने प्रदर्शनी में लगे स्टॉल्स का निरीक्षण कर कारीगरों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इससे पूर्व सहायक निदेशक (ग्रेड-1) नेहा महतो ने अतिथियों का स्वागत किया और अंत में सहायक निदेशक अवधेश कुमार ने आभार जताया। इस अवसर पर एडीएम धीरेंद्र सिंह, पीपीडीसी के प्रिंसिपल डायरेक्टर सचिन राजपाल, केवीआईसी मेरठ के उपनिदेशक एचएन मीणा और डीआईसी के सहायक आयुक्त हुकुम चंद दिनकर आदि भी उपस्थित रहे।