फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   PM Narendra Modi Man ki Baat Kachora Village Appreciate gram pradhan for water supply system in village of Agra

Mann Ki Baat: आगरा के दो बेटों ने बुझाई गांव की प्यास, पीएम मोदी बोले- शाबाश, हमें तुम पर नाज है 

Mon, 30 May 2022 02:26 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 30 May 2022 02:26 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में  कचोरा गांव के प्रधान के कार्य की सराहना की। प्रधानमंत्री ने गांव की दलित महिला रेखा से खारे पानी की समस्या के बारे में पूछा। रेखा ने बताया कि दूरदराज से पीने का पानी लाना पड़ता था। फौजी भाई ने अच्छा काम किया। 
 

विज्ञापन
PM Narendra Modi Man ki Baat Kachora Village Appreciate gram pradhan for water supply system in village of Agra
Man ki Baat - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगर में अछनेरा के गांव कचौरा के लिए रविवार को बड़ा दिन था। पूर्वाह्न 11:28 बजे गांव के प्रधान कुंवर सिंह के छोटे भाई पूर्व फौजी श्याम सिंह के मोबाइल की घंटी बजी तो दूसरी ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज गूंजी। प्रधानमंत्री ने दोनों भाइयों से गांव में मीठे पानी की पाइपलाइन बिछवाने की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कहा-शाबाश, हमें तुम पर नाज है। 
विज्ञापन


कचौरा गांव के प्रधान कुंवर सिंह और उनके परिवार के लिए रविवार यादगार दिन बन गया। पूर्व फौजी श्याम सिंह से प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग दो मिनट की बातचीत में गांव की खारे पानी की समस्या के निदान के लिए किए गए उनके प्रयासों के बारे में पूछा। इसके बाद बड़े भाई प्रधान कुंवर सिंह से एक मिनट तक बात की। प्रधानमंत्री ने उन्हें शाबाशी दी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने गांव की दलित महिला रेखा से खारे पानी की समस्या के बारे में पूछा। रेखा ने बताया कि दूरदराज से पीने का पानी लाना पड़ता था। फौजी भाई ने अच्छा काम किया। 
विज्ञापन

श्याम सिंह से पूछा-घरवाली ने एतराज नहीं किया 

प्रधानमंत्री मोदी ने श्याम सिंह से पहला सवाल किया, आपके मन में ये विचार कैसे आया। श्याम सिंह ने बताया कि उनकी मां भी 22 साल पहले प्रधान रहीं थीं। गांव के लोग दूरदराज से पीने का पानी लाते थे। रिटायर होने पर पैसा मिला था, घरवालों ने हामी भर दी तो 2018 में नहर से पाइपलाइन डलवाई। पीएम ने अगला सवाल किया घरवाली ने एतराज नहीं जताया, इस पर श्याम सिंह मुस्कुराए और बोले-वह भी दूर से पानी लाती थी, उसने विरोध नहीं किया। इस पर पीएम ने कर्नाटक के एक किसान का जिक्र भी किया। उसके बाद बधाई दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

कुंवर सिंह से पूछा-कैसे करवाई व्यवस्था

प्रधानमंत्री ने गांव के प्रधान कुंवर सिंह से लगभग एक मिनट की बातचीत में पहला सवाल किया कि पाइपलाइन की व्यवस्था कैसे करवाई। जानकारी मिलने के बाद फिर पूछा कि किसी ने मना तो नहीं किया, इस पर कुंवर सिंह ने कहा कि लंबे समय से समस्या थी, सभी ने सहयोग किया। मोदी ने गांव में सड़क, बिजली, स्कूल के बारे में भी जानकारी ली। इसके बाद दोनों भाइयों के प्रयास की सराहना की। गांव की महिला रेखा से भी 40 सेकंड की बात में खारे पानी से हो रही परेशानी के बारे में ही पूछा। 

मां बनीं प्रेरणा 

पूर्व फौजी श्याम सिंह ने बताया कि उनकी मां श्रीमती देवी भी वर्ष 2000 में प्रधान रही हैं। तब उन्होंने सपना देखा था कि गांव को खारे पानी की समस्या से मुक्ति मिले। उस समय इतने साधन नहीं थे। पैसे का भी अभाव था, इसलिए उस समय समस्या हल नहीं हो सकी थी। रिटायर होने के बाद पैसा मिला तो मां के सपने पर काम किया। उनकी प्रेरणा से ही इस काम को अंजाम दे सके। अपने भाइयों व परिवार के लोगों से बातचीत करके 31 लाख रुपये खर्च कर पांच किलोमीटर दूर बस्तई की नहर से पानी की पाइपलाइन बिछवाई।


हमारे लिए गर्व का दिन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तरह मोबाइल पर बात करके बधाई देंगे, ऐसा तो सपने में भी नहीं सोचा था। यह कहना है गांव के प्रधान कुंवर सिंह का। उन्होंने कहा कि गांव में समस्याओं को दूर करने के लिए ही वह प्रधान बने हैं। आज जब प्रधानमंत्रीजी का कॉल आया तो हमें यकीन ही नहीं हो पाया। भाई श्याम सिंह से बात करने के बाद मुझसे बात की तब कहीं यकीन हुआ कि मेरी बात प्रधानमंत्री से हुई है। यह हमारे और गांव के लिए गर्व का दिन है। 


गांव में सुविधाओं के लिए करेंगे काम

श्याम सिंह ने बताया कि यह हमारे और परिवार के लिए बड़ी बात है। हम अब गांव में अन्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए काम करेंगे। प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात हम जैसे किसान और फौजी से की है, इससे साफ है कि प्रधानमंत्री छोटी बातों का भी कितना ध्यान रखते हैं। उनसे बात करने में लगा ही नहीं कि हम प्रधानमंत्री से बात कर रहे हैं। उनसे बात करने के बाद वह रोजाना की तरह बिजली विभाग में अपने काम पर चले गए। 


दुनिया जान गई गांव का नाम

गांव कचौरा की पूजा का कहना था कि हमें तो बात करके पता चला कि हम प्रधानमंत्री से बात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने खुद फोन करके बधाई दी है। इससे बड़ी क्या बात होगी। गांवों में छिटपुट समस्याएं तो बनी रहती हैं, मगर पेयजल जैसी रोजमर्रा की जरूरत पूरी होने से महिलाओं को ज्यादा फायदा हुआ है, क्योंकि घर में पानी का इंतजाम का जिम्मा उन्हीं को करना होता था। वहीं गांव की रेखा की खुशी का भी ठिकाना नहीं था। दोनों बोलीं, अब तो हमारे गांव का नाम दुनिया जान गई।  हाकिम सिंह ने बताया कि गांव में कुछ लोगों ने पानी का इंतजाम पहले भी किया था मगर वह ज्यादा लोगों को लाभ नहीं दे पाए थे। अब 1200 घरों तक पानी पहुंच रहा है। हर घर को पानी मिल पा रहा है, यह अच्छी बात है। कांशीराम ने बताया कि कचौरा गांव को नई पहचान मिली है। यहां के लोगों ने इस बार कुंवर सिंह को प्रधान बनवाया है, आगे और काम भी होंगे।


ये विकास कार्य करवाए

ग्राम प्रधान कुंवर सिंह ने बताया कि गांव में विकास कार्य लगातार करवाए जा रहे हैं। 
- गांव में नालियों का निर्माण कराया गया है। 
- खड़ंजों का निर्माण करा लोगों का आवागमन सुगम कराया।
- जल निकासी की समस्या के निदान के लिए नाला बनवाया है।
- जल संचयन के लिए साढ़े पांच बीघा में तालाब खोदवाया है। 
- गांव की मुख्य सड़क को जल्द बनवाने के प्रयास जारी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed