PM Kisan Yojana: इन 47 हजार किसानों की रुक सकती है सम्मान निधि, होगा भूमि सत्यापन
किसानों की भूमि सत्यापन तहसील स्तर से किया जाएगा। जिसके बाद अपात्र पाए गए किसानों को सूची से हटाया जाएगा। अन्य पात्र किसानों को लाभ दिया जाएगा।
विस्तार
एटा जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले 47 हजार किसानों का भूमि सत्यापन किया जाएगा। इनके द्वारा 12वीं किस्त लेने के बाद ई-केवाईसी नहीं कराई गई। जिसकी वजह से इन पर अपात्र होने का संदेह प्रतीत हो रहा है। 15 फरवरी तक तहसील स्तर से सत्यापन किया जाएगा। जिसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों को 2 हजार रुपये की तिमाही किस्त दी जाती है। लेकिन जिले में कई किसान ऐसे पाए गए जो अपात्र की श्रेणी में आने के बाद भी इसका लाभ ले रहे थे। शासन स्तर से लाभार्थियों की ई-केवाईसी कराई गई, जिसके बाद किसानों के खाते में 12वीं किस्त भेजी गई। लेकिन जिले में अभी भी 47 हजार किसान ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है।
ऐसे किसानों की भूमि सत्यापन तहसील स्तर से किया जाएगा। जिसके बाद अपात्र पाए गए किसानों को सूची से हटाया जाएगा। अन्य पात्र किसानों को लाभ दिया जाएगा। सदर तहसील में 14 हजार, जलेसर तहसील में 5100 और अलीगंज तहसील क्षेत्र में 28 हजार किसान ऐसे हैं जिनका भूमि सत्यापन किया जाएगा।
अपात्रों से वसूली जाएगी सम्मान निधि
सत्यापन होने के बाद अपात्र पाए गए किसानों से पीएम किसान सम्मान निधि की धनराशि वसूली जाएगी। इस धनराशि को कोषागार में जमा कराया जाएगा। उसके बाद पात्र किसानों को 13वीं किस्त दी जाएगी।
तहसील स्तर पर भेजा गया डाटा
उपकृषि निदेशक रोताश कुमार ने बताया कि भूमि सत्यापन के लिए जिले के करीब 47 हजार किसानों का डाटा तहसील स्तर पर भेजा गया है। 15 फरवरी तक सत्यापन होने के बाद पात्र अपात्रों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।