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पालिका की लाखों रुपये की जमीन पर हो गई प्लॉटिंग
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टूंडला। नगर में भूमाफिया ने पालिका की करोड़ों की जमीन पर कब्जा कर लिया और प्लॉटिंग कर बेच दिया। जानकारी पर पालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पालिका ने भूमाफिया को नोटिस भेजा है।
नगर के द्वारिकापुरम के गेट से सटा नगर पालिका कार्यालय है। कार्यालय के बगल में खाली पड़ी जमीन पालिका की है। आरोप है कि वर्षों से खाली पड़ी जमीन को कुछ माह पूर्व एक भूमाफिया ने बेच दिया। इसमें कई प्लॉट काट दिए गए। पिछले चार-पांच दिन पूर्व एक प्लॉट खरीदार पालिका कार्यालय में अपना नाम दर्ज कराने पहुंचा तो पालिका प्रशासन को मामले की जानकारी हो सकी।
खरीदार से अधिकारियों ने बात की तो उसने बताया कि उसने तहसील में बैनामा कराया है। अब पालिका मामले की जांच में जुट गई है। पालिका अधिकारियों के मुताबिक, भूमाफिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पालिका के अभिलेखों को भी खंगाला जा रहा है।
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पालिका की जमीन का कैसे हो गया बैनामा
पालिका कार्यालय के निकट स्थित करोड़ों रुपये की जमीन पर प्लॉटिंग का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि जमीन पर प्लॉटिंग में तहसील प्रशासन के साथ ही पालिका प्रशासन के जिम्मेदारों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि जमीन पालिका परिषद की है तो बैनामा कैसे हो सकता है और पालिका ने अभी तक भूमाफिया के विरुद्ध मात्र नोटिस ही क्यों भेजा है? मामला संज्ञान में आने पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई गई?
पालिका की जमीन की बिक्री का मामला संज्ञान में आया है। बैनामा करने वाले को नोटिस भेजकर सात दिन में अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा है। नोटिस का जवाब आने के बाद विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मुकेश कुमार
ईओ- नगर पालिका परिषद, टूंडला
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नगर के द्वारिकापुरम के गेट से सटा नगर पालिका कार्यालय है। कार्यालय के बगल में खाली पड़ी जमीन पालिका की है। आरोप है कि वर्षों से खाली पड़ी जमीन को कुछ माह पूर्व एक भूमाफिया ने बेच दिया। इसमें कई प्लॉट काट दिए गए। पिछले चार-पांच दिन पूर्व एक प्लॉट खरीदार पालिका कार्यालय में अपना नाम दर्ज कराने पहुंचा तो पालिका प्रशासन को मामले की जानकारी हो सकी।
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खरीदार से अधिकारियों ने बात की तो उसने बताया कि उसने तहसील में बैनामा कराया है। अब पालिका मामले की जांच में जुट गई है। पालिका अधिकारियों के मुताबिक, भूमाफिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पालिका के अभिलेखों को भी खंगाला जा रहा है।
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पालिका की जमीन का कैसे हो गया बैनामा
पालिका कार्यालय के निकट स्थित करोड़ों रुपये की जमीन पर प्लॉटिंग का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि जमीन पर प्लॉटिंग में तहसील प्रशासन के साथ ही पालिका प्रशासन के जिम्मेदारों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि जमीन पालिका परिषद की है तो बैनामा कैसे हो सकता है और पालिका ने अभी तक भूमाफिया के विरुद्ध मात्र नोटिस ही क्यों भेजा है? मामला संज्ञान में आने पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई गई?
पालिका की जमीन की बिक्री का मामला संज्ञान में आया है। बैनामा करने वाले को नोटिस भेजकर सात दिन में अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा है। नोटिस का जवाब आने के बाद विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मुकेश कुमार
ईओ- नगर पालिका परिषद, टूंडला