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मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़, मोबाइल की रोशनी में लगे टांके
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फिरोजाबाद। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में शुक्रवार रात सड़क हादसे में घायल हुए एक व्यक्ति के पैर में टांके मोबाइल फोन की रोशनी में लगाए गए। मामला विभागीय अफसरों तक पहुंचा तो वह सफाई देकर बचते नजर आए।
खैरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सांखनी निवासी अवधेश कुमार सड़क हादसे में घायल हुए थे। परिजन उनको उपचार के लिए रात करीब दस बजे सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर पहुुंचे। अवधेश के पैर में घाव हो गया था। जिससे खून निकल रहा था। खून को रोकने और घाव को ठीक करने के लिए ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने अवधेश के पैर में टांगें लगाना शुरू कर दिया। इस दौरान आपरेशन कक्ष में ओटी लाइट खराब होने के कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों को टांके लगाने में दिक्कत हो रही थी। इस पर कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन की टार्च जलाकर रोशनी की। तब अवधेश के पैर में स्वास्थ्य कर्मचारी टांके लगा सके। ओटी कक्ष में लाइट पिछले कई माह से खराब पड़ी है। सीएमएस डा. हंसराज का कहना है जिस समय टांके लगाए जा रहे थे। उस वक्त अस्पताल में लाइट आ रही थी। अंदर के टांके के लिए ओटी लाइट की जरूरत होती है। जबकि ऊपर के टांके बिजली की रोशनी में लगाए जा सकते है। कुछ लोगों ने मोबाइल की टार्च जला ली थी।
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खैरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सांखनी निवासी अवधेश कुमार सड़क हादसे में घायल हुए थे। परिजन उनको उपचार के लिए रात करीब दस बजे सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर पहुुंचे। अवधेश के पैर में घाव हो गया था। जिससे खून निकल रहा था। खून को रोकने और घाव को ठीक करने के लिए ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने अवधेश के पैर में टांगें लगाना शुरू कर दिया। इस दौरान आपरेशन कक्ष में ओटी लाइट खराब होने के कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों को टांके लगाने में दिक्कत हो रही थी। इस पर कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन की टार्च जलाकर रोशनी की। तब अवधेश के पैर में स्वास्थ्य कर्मचारी टांके लगा सके। ओटी कक्ष में लाइट पिछले कई माह से खराब पड़ी है। सीएमएस डा. हंसराज का कहना है जिस समय टांके लगाए जा रहे थे। उस वक्त अस्पताल में लाइट आ रही थी। अंदर के टांके के लिए ओटी लाइट की जरूरत होती है। जबकि ऊपर के टांके बिजली की रोशनी में लगाए जा सकते है। कुछ लोगों ने मोबाइल की टार्च जला ली थी।
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