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Kasganj: गंगा किनारे रहने वाले किसानों के लिए सरकार ने की ये बड़ी घोषणा, आय हो जाएगी दोगुनी
Tue, 18 Oct 2022 07:38 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2022 07:38 AM IST
सार
जिला उद्यान अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि गंगा किनारे लघु पौधशाला लगाए जाने के लिए उद्यान विभाग से अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान 50 फीसदी तक होगा।
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गंगा घाट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कासगंज में गंगा किनारे लघु पौधशाला (नर्सरी) लगाने वाले किसानों को उद्यान विभाग की ओर से 50 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा। लघु पौधशाला नमामि गंगे योजना में औद्योगिक विकास योजना के अंतर्गत तैयार की जानी है। योजना को लेकर उद्यान विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
गंगा किनारे लघु पौधशालाएं लगाने के लिए उद्यान विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है। शासन की ओर से प्रति हेक्टेयर क्षेत्र में लघु पौधशाला स्थापित करने के लिए 15 लाख रुपये की लागत तय की गई है। इसमें 50 फीसदी और अधिकतम 7.5 लाख रुपये का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने, किनारे हरियाली बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कृषि विभाग गंगा किनारे के ग्रामीम क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को जैविक खेती के लिए भी प्रेरित कर रहा है। उद्यान विभाग को गंगा के किनारों को हरा बनाए रखने के लिए पेड़ लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी के तहत पौधशाला तैयार करने की योजना है। लघु पौधशाला को कारोबारी भी लगा सकते हैं।
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गंगा किनारे लघु पौधशालाएं लगाने के लिए उद्यान विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है। शासन की ओर से प्रति हेक्टेयर क्षेत्र में लघु पौधशाला स्थापित करने के लिए 15 लाख रुपये की लागत तय की गई है। इसमें 50 फीसदी और अधिकतम 7.5 लाख रुपये का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने, किनारे हरियाली बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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कृषि विभाग गंगा किनारे के ग्रामीम क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को जैविक खेती के लिए भी प्रेरित कर रहा है। उद्यान विभाग को गंगा के किनारों को हरा बनाए रखने के लिए पेड़ लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी के तहत पौधशाला तैयार करने की योजना है। लघु पौधशाला को कारोबारी भी लगा सकते हैं।
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