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पितृ विसर्जन अमावस्या विशेष: 1822 लोगों का दाह हुआ...संस्कार के लिए अपनों का इंतजार; लॉकर में रखी हैं अस्थियां
Wed, 02 Oct 2024 05:03 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
धर्मेंद्र त्यागी, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 02 Oct 2024 05:03 PM IST
सार
आगरा में 1822 ज्ञात-अज्ञात लोगों का दाह तो हो गया है। लेकिन अंतिम संस्कार के लिए अपनों का इंतजार है। इनकी अस्थियां लॉकर में रखी हैं।
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आगरा में विद्युत शव दाह गृह के लॉकर में रखी हैं 1822 अस्थियां।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में बुधवार को पितृ विसर्जन अमावस्या पर लोगों ने अपने पितृों का विसर्जन किया। इसी से जुड़ा एक मामला ऐसा है, जिसमें अभी कुछ अस्थियां विसर्जन के लिए अपनों का इंतजार रही हैं। आइए आगे जानते हैं पूरा मामला...
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जीते जी यही इच्छा कि अपनों के हाथ से अंतिम संस्कार हो। वक्त ने साथ न दिया और गैरों को दाह करना पड़ा। रिश्ते भी देखिए...शरीर का साथ क्या छूटा संबंधों की डोर भी टूट गई। खोजबीन में सगे-संबंधियों का पता भी चला, लेकिन कई आए ही नहीं। बुधवार को श्राद्ध पक्ष भी खत्म हो रहा है।
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ऐसे में ज्ञात-अज्ञात की 1822 अस्थियां दो साल से संस्कार का इंतजार कर रही हैं। ताजगंज के विद्युत मोक्षधाम में अभी 1822 अस्थियां लॉकर में रखी हैं। इनमें 1230 अज्ञात और 593 ज्ञात लोगों की हैं। पुलिस की ओर से लावारिश में इनका विद्युत शवदाह गृह में दाह कराया।
पुलिस की खोजबीन में सैकड़ों के परिजन का पता चल गया, इसमें कई अस्थियां लेने नहीं आए हैं। फोन करने पर भी मजबूरी बताने लगे। ऐसे में अगले साल श्राद्ध पक्ष में संस्था धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराते हुए सोरों में बने महाभारत कालीन कुंड में इनको विसर्जित करेगी।