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ट्रायल में लीक हुई 375 करोड़ की सीवर लाइन: फतेहाबाद रोड पर हो गया गड्ढा, सड़क पर बैरिकेडिंग कर मरम्मत शुरू
Sun, 27 Sep 2026 04:32 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 27 Sep 2026 04:32 PM IST
सार
लीकेज के कारण सड़क पर गड्ढा होने के बाद खुदाई की गई तो यहां सीवर लाइन तय मानकों से काफी ऊपर निकली, जिसके किसी भारी वाहन से क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। 1400 मिमी. व्यास की बड़ी सीवर लाइन एक से डेढ़ मीटर नीचे बिछाई जानी चाहिए थी, लेकिन ऊपर होने के कारण इनमें लीकेज और क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें आ रही हैं।
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सीवर लाइन का मरम्मत कार्य जारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
नमामि गंगे योजना के तहत धांधूपुरा में बनाए गए 100 एमएलडी एसटीपी तक सीवर पहुंचाने के लिए शाहजहां पार्क से डाली गई सीवर लाइन ट्रायल में ही तीन जगह लीक हो चुकी है। 20 दिन से इस लाइन में सीवर छोड़कर ट्रायल किया जा रहा था। फतेहाबाद रोड पर आईटीसी होटल के सामने 1400 मिमी. व्यास की बड़ी सीवर लाइन लीक होने से गड्ढा हो गया, जिसकी मरम्मत का काम शुरू किया गया है। इसमें चार दिन का समय और लगेगा। मरम्मत के कारण एक लेन बैरिकेडिंग कर बंद कर दी गई है। इससे फतेहाबाद रोड पर पूरे दिन जाम के हालात बने रहे।
जलनिगम ग्रामीण इकाई ने नमामि गंगे योजना के तहत यमुना में गिर रहे सीवर को टैप करके खैराती टोला पंपिंग स्टेशन से धांधूपुरा भेजने के लिए एसटीपी का निर्माण कराया। 375 करोड़ रुपये की निर्माण लागत वाले एसटीपी और सीवर लाइन बिछाने के काम को 5 सितंबर को पूरा कर लिया गया था। 20 दिन से इसका ट्रायल चल रहा है। फतेहाबाद रोड पर आईटीसी के सामने इसी सीवर लाइन की 1400 मिमी व्यास का पाइप क्षतिग्रस्त हो गया।
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जलनिगम ग्रामीण इकाई ने नमामि गंगे योजना के तहत यमुना में गिर रहे सीवर को टैप करके खैराती टोला पंपिंग स्टेशन से धांधूपुरा भेजने के लिए एसटीपी का निर्माण कराया। 375 करोड़ रुपये की निर्माण लागत वाले एसटीपी और सीवर लाइन बिछाने के काम को 5 सितंबर को पूरा कर लिया गया था। 20 दिन से इसका ट्रायल चल रहा है। फतेहाबाद रोड पर आईटीसी के सामने इसी सीवर लाइन की 1400 मिमी व्यास का पाइप क्षतिग्रस्त हो गया।
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सड़क पर महज 1.50 फीट गहरी बिछाई लाइन
जलनिगम की इस योजना में अजब ढंग से काम किया गया है। विश्वराज एनवायरमेंट ने फतेहाबाद रोड पर सड़क से महज 1.50 फीट नीचे ही सीवर पाइप बिछाया है। लीकेज के कारण सड़क पर गड्ढा होने के बाद खुदाई की गई तो यहां सीवर लाइन तय मानकों से काफी ऊपर निकली, जिसके किसी भारी वाहन से क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। 1400 मिमी. व्यास की बड़ी सीवर लाइन एक से डेढ़ मीटर नीचे बिछाई जानी चाहिए थी, लेकिन ऊपर होने के कारण इनमें लीकेज और क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें आ रही हैं। इससे पहले पुरानी मंडी और खैराती टोला पंपिंग स्टेशन के सामने भी यही सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
10 एमएलडी सीवर पर ट्रायल में ये हाल
पर्यावरणविद और सीवर मामले में याचिकाकर्ता डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि महज 10 एमएलडी ट्रायल पर बार-बार लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। क्षतिग्रस्त पाइप के नीचे पीसीसी भी नहीं दिखाई दे रही है। मंटोला नाले की टैपिंग के बाद भी प्रवाह तेज है और सीवर यमुना में गिर रहा है। भैरों नाला और मंटोला नाले के जरिये प्लास्टिक कचरा यमुना नदी में पहुंच रहा है। पांच अक्तूबर को एनजीटी में सीवर मामले में सुनवाई होनी है। वह यमुना की वास्तविक तस्वीर बेंच के सामने पेश करेंगे।
100 एमएलडी एसटीपी के लिए ट्रायल चल रहा है। इसी दौरान फतेहाबाद रोड पर सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। यहां नीचे एक और सीवर पाइप होने के कारण यह ऊपर ही रह गया, जिस वजह से टूटा है। साढ़े चार मीटर का पूरा पाइप बदला जा रहा है, इसमें चार दिन लगेंगे। -आरपी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, जलनिगम ग्रामीण
जलनिगम की इस योजना में अजब ढंग से काम किया गया है। विश्वराज एनवायरमेंट ने फतेहाबाद रोड पर सड़क से महज 1.50 फीट नीचे ही सीवर पाइप बिछाया है। लीकेज के कारण सड़क पर गड्ढा होने के बाद खुदाई की गई तो यहां सीवर लाइन तय मानकों से काफी ऊपर निकली, जिसके किसी भारी वाहन से क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। 1400 मिमी. व्यास की बड़ी सीवर लाइन एक से डेढ़ मीटर नीचे बिछाई जानी चाहिए थी, लेकिन ऊपर होने के कारण इनमें लीकेज और क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें आ रही हैं। इससे पहले पुरानी मंडी और खैराती टोला पंपिंग स्टेशन के सामने भी यही सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
10 एमएलडी सीवर पर ट्रायल में ये हाल
पर्यावरणविद और सीवर मामले में याचिकाकर्ता डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि महज 10 एमएलडी ट्रायल पर बार-बार लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। क्षतिग्रस्त पाइप के नीचे पीसीसी भी नहीं दिखाई दे रही है। मंटोला नाले की टैपिंग के बाद भी प्रवाह तेज है और सीवर यमुना में गिर रहा है। भैरों नाला और मंटोला नाले के जरिये प्लास्टिक कचरा यमुना नदी में पहुंच रहा है। पांच अक्तूबर को एनजीटी में सीवर मामले में सुनवाई होनी है। वह यमुना की वास्तविक तस्वीर बेंच के सामने पेश करेंगे।
100 एमएलडी एसटीपी के लिए ट्रायल चल रहा है। इसी दौरान फतेहाबाद रोड पर सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। यहां नीचे एक और सीवर पाइप होने के कारण यह ऊपर ही रह गया, जिस वजह से टूटा है। साढ़े चार मीटर का पूरा पाइप बदला जा रहा है, इसमें चार दिन लगेंगे। -आरपी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, जलनिगम ग्रामीण