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कोरोना ने तोड़ी बांकेबिहारी जी की फूलबंगला की परंपरा
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वृंदावन (मथुरा)। सोनजुही, चमेली, गुलाब, गुलबांस, बेला की खुशबू के बीच मन को प्रफुल्लित करने वाले फूलबंगला मेें विराजने वाले भक्तों के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी जी इस बार फूलबंगले में नहीं विराज सकेंगे। हर बार वह एकादशी से अपने गर्भगृह से निकलकर बाहर आकर भक्तों को फूलबंगला में दर्शन देते थे लेकिन इस बार कोरोना को लेकर लगाई गई बंदिशों के चलते न तो उनका फूलबंगला सज सकेगा और न ही वह बाहर आएंगे। इससे सैकड़ों वर्ष पुरानी मंदिर की परंपरा टूटेगी। अपने लाडले ठाकुर की सेवा मेें लगे रहने वाले गोस्वामीगणों के अलावा भक्तगण भी इस परंपरा के टूटने से द्रवित हैं।
स्वामी हरिदास जी के लाडले ठाकुर बांके बिहारी जी महाराज विगत सैकड़ों वर्षों से चैत्र की एकादशी से गर्भगृह से बाहर आकर दर्शन देते रहे हैं। इस दिन से भक्त आनंदित होकर उनके दर्शन चंदन चबूतरा पर करते हैं। एकादशी से उनका सिंहासन चंदन चबूतरा पर रखा जाता है। उसके चारों और भव्य फूलबंगला सजाया जाता है। इतना ही नहीं ठाकुर जी की पोशाक में भी भक्तगणों द्वारा फूलों तक का प्रयोग किया जाता है।
शयनकालीन सेवायत सुरेश गोस्वामी ने बताया कि इस दफा कोरोना के कारण न्यायालय के आदेश पर सेवा में सिर्फ चार-पांच गोस्वामीगण ही जा रहे हैं। इसलिए इस पुरातन परंपरा का निर्वाह नहीं हो पा रहा है। इस परंपरा का निर्वाह न होने से हमारे मन बहुत दुखी है लेकिन समय परिस्थितियां इसी प्रकार की हैं। बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनेश शर्मा ने बताया कि कोरोना के कारण केवल सेवायतों को ही अंदर प्रवेश करने की अनुमति है। इसके चलते फूलबंगला नहीं सज पाएंगे।
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स्वामी हरिदास जी के लाडले ठाकुर बांके बिहारी जी महाराज विगत सैकड़ों वर्षों से चैत्र की एकादशी से गर्भगृह से बाहर आकर दर्शन देते रहे हैं। इस दिन से भक्त आनंदित होकर उनके दर्शन चंदन चबूतरा पर करते हैं। एकादशी से उनका सिंहासन चंदन चबूतरा पर रखा जाता है। उसके चारों और भव्य फूलबंगला सजाया जाता है। इतना ही नहीं ठाकुर जी की पोशाक में भी भक्तगणों द्वारा फूलों तक का प्रयोग किया जाता है।
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शयनकालीन सेवायत सुरेश गोस्वामी ने बताया कि इस दफा कोरोना के कारण न्यायालय के आदेश पर सेवा में सिर्फ चार-पांच गोस्वामीगण ही जा रहे हैं। इसलिए इस पुरातन परंपरा का निर्वाह नहीं हो पा रहा है। इस परंपरा का निर्वाह न होने से हमारे मन बहुत दुखी है लेकिन समय परिस्थितियां इसी प्रकार की हैं। बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनेश शर्मा ने बताया कि कोरोना के कारण केवल सेवायतों को ही अंदर प्रवेश करने की अनुमति है। इसके चलते फूलबंगला नहीं सज पाएंगे।
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