ताजमहल के पास हुआ ऐसा कार्यक्रम, हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश, फूंके पुतले
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उत्तर प्रदेश पर्यटन कार्यालय ताज रोड आगरा पर विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ता जुलूस लेकर पहुंचे। वंदे मातरम् का अपमान नहीं सहेंगे नहीं सहेंगे... देश द्रोहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करो मुकदमा दर्ज करो...जैसे नारे लगाते हुए चल रहे थे।
पुलिस ने जुलूस को बीच में रोकने का प्रयास किया लेकिन कार्यकर्ता पर्यटन विभाग के कार्यालय में प्रवेश कर गए। कार्यालय में कोई भी कर्मचारी एवं अधिकारी नहीं था। कार्यकर्ता गेट पर ही धरने पर बैठ गए। नगर मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेने के लिए कहा, लेकिन वे वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाने की मांग को लेकर अड़ गए। आखिर में एडीएम सिटी केपी सिंह व सीओ सदर उदयराज सिंह मौके पर पहुंचे।
एडीएम सिटी को दिया ज्ञापन
विहिप के कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम् गीत बजाने के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और ताज महोत्सव में कश्मीर से आए शिल्पियों के स्टाल हटाने की मांग की। अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ 24 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी को दिया गया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान सुनील पाराशर, रवि दुबे, दिग्विजय नाथ तिवारी, अनूप वर्मा, अनुपम पंडित, विनोद माहौर, श्याम माहौर, पवन धाकड़, अमित खटीक, अवनीश शर्मा, भोले ठाकुर, अभिषेक शर्मा, गगन तोमर, वेद गोस्वामी, सोनू दीक्षित, शिवम आदि मौजूद रहे। वहीं, अधिवक्ताओं ने दीवानी चौराहे पर आयोजन समिति का पुतला फूंका और नारेबाजी की।
'यह केवल गीत नहीं राष्ट्र आराधना है'
बजरंग दल के प्रांत संयोजक राकेश त्यागी कहा कि ताज महोत्सव के मेला संयोजक एवं सुधीर नारायण, अमित श्रीवास्तव (डीडी उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग) और आईआईएफटी के स्टाफ एवं विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का अपमान किया गया है। यह वह गीत है जिस गीत को सुनकर असंख्य क्रांतिकारियों ने मां भारती की गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
सरहद पर तैनात हमारे असंख्य वीर सैनिक को ने भी इसी गीत को अपने मन मंदिर में विद्यमान कर देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं। वीएचपी के महानगर अध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने कहा कि यह केवल गीत नहीं है, यह राष्ट्रीय आराधना है। इसके अपमान से कार्यकर्ता आहत हुए हैं।