आगरा। शहीद नगर स्थित गुरुद्वारा दशमेश दरबार में गुरु गोबिंद सिंह महाराज के प्रकाशपर्व पर सफर-ए-शहादत शहीदी सप्ताह समागम में श्रद्धा और शौर्य को नमन किया। पंथ के कथावाचक भाई बलदेव सिंह ने गुरमत विचारों के माध्यम से छोटे साहिबजादों के शहादत की हृदयविदारक गाथा का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जानी खां और मानी खां बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह को गिरफ्तार कर माता गुजरी सहित सरहिंद के ठंडे बुर्ज में बंदी बनाकर ले गए। वहां पर कड़ाके की सर्द रातों में माता गुजरी ने पोतों को अपने पूर्वजों के महान इतिहास, शौर्य और धर्मनिष्ठा की शिक्षा दी। शहादत गाथा सुन लोग भावुक हो गए। कशलीन कौर भाई हरजिंदर सिंह ने कीर्तन सुनाया। इस दौरान प्रधान हरपाल सिंह, राजू सलूजा, श्याम भोजवानी, मलकीत सिंह, गुरिंदर सिंह, सुरेंदर सिंह लवली, इंद्रजीत सिंह, लाडी वीर, हरजिंदर सिंह, हरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।