मैनपुरी। जनसुनवाई (आईजीसीआरएस) पोर्टल पर होने वाली शिकायतों के निस्तारण से जनता नाखुश है। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को इन मामले की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा, अधिकारी शिकायतों के गुणवत्तापरक और समयबद्ध निस्तारण में रुचि लें। मुख्यमंत्री कार्यालय से शिकायतों के निराकरण की सीधी समीक्षा की जा रही है और असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर संबंधित विभाग और अधिकारियों के अंक काटे जा रहे हैं। समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि अधिशासी अभियंता विद्युत, नलकूप, खंड विकास अधिकारी घिरोर, उप कृषि निदेशक, पूर्ति निरीक्षक करहल और घिरोर जैसे अधिकारियों ने शिकायतें अंतिम दिवस पर निस्तारित कीं, जिससे शासन स्तर पर अंकों की कटौती हुई। उन्होंने विशेष रूप से 'स्पेशल क्लोज'की जा रही शिकायतों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। तहसील करहल में 73, घिरोर में 46, भोगांव में 35, सदर में 18, किशनी में 14, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण के यहां से 45 और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका के यहां से 33 शिकायती प्रार्थना पत्रों को '''स्पेशल क्लोज'''' किया गया है। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि संबंधित अधिकारी शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता दिखाएं और '''स्पेशल क्लोज'''' करने से बचें। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने समीक्षा में पाया कि 25 जून से 25 जुलाई तक शासन स्तर से 367 शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक में से 181 शिकायतों के निस्तारण पर असंतुष्ट फीडबैक मिला है। मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने भी बैठक में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्राथमिक चिकित्साधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत और अधिशासी अभियंता विद्युत द्वारा शिकायत कर्ताओं से वार्ता नहीं की जा रही है। शिकायत के निस्तारण के उपरांत बिना शिकायतकर्ता से संवाद किए ही निस्तारण आख्या उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि शिकायतकर्ता से वार्ता करने के संबंध में बार-बार निर्देश दिए जा रहे हैं।