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UP: शिक्षक हो या इंजीनियर....मरने के बाद भी लेते रहे पेंशन, वसूली के लिए मिला नोटिस; तब छूटे पसीने
Tue, 28 Oct 2025 08:36 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 28 Oct 2025 08:36 AM IST
सार
आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में ऐसे 650 से अधिक पेंशनर्स मिले हैं। मरने के बाद भी इनके खातों में 2.77 करोड़ रुपये पहुंच गए।
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पेंशन।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
शिक्षक हो या इंजीनियर। चिकित्सक हो या लिपिक। मरने के बाद भी उनके परिजन सरकार से पेंशन लेते रहे। परिजन ने मृत्यु की सूचना छिपाई। आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में ऐसे 650 से अधिक पेंशनर्स मिले हैं। मरने के बाद भी इनके खातों में 2.77 करोड़ रुपये पहुंच गए। कोषागार को पता चला, तो वसूली नोटिस भेजे। पेंशन खर्च करने वाले टेंशन में आ गए। कार्रवाई से बचने को हाथ जोड़े, माफी मांगी। तब जाकर 2.42 करोड़ रुपये वापस कोषागार में जमा कराए गए हैं।
मंडल के चारों जिलों में करीब 35 लाख रुपये अभी भी मृतक पेंशनर्स पर बकाया हैं। जिसकी वसूली के लिए पेंशनर्स के जिस बैंक में पेंशन जाती थी, उन बैंक प्रबंधकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिन पेंशनर्स की रकम उनके परिवार के सदस्य या नॉमिनी ने बैंक खाते से निकाल ली। और खर्च कर दी। उनके घर भी अमीन दस्तक दे रहे हैं।
रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। रकम नहीं चुकाने पर गिरफ्तारी और संपत्ति नीलाम कर सरकारी धनराशि की वसूली के लिए चेताया जा रहा है। साल में एक बार पेंशनर्स को जीवित प्रमाणपत्र देना पड़ता है। जिससे 12 महीने पेंशन मिलती रहती है। 12 महीने के बीच में यदि पेंशनर्स की मृत्यु हो जाए तो परिवार को तत्काल सूचित करना होता है।
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मृत्यु की सूचना नहीं देने पर पेंशनर्स के खाते में पेंशन की रकम जाती रहती है। मृत्यु की सूचना मिलने पर ही पेंशन बंद होती है। आगरा में 200 से अधिक पेंशनर्स ऐसे मिले, जिनकी मृत्यु के बाद परिजन ने कोषागार में सूचना नहीं दी। मृत्यु के बाद किसी के खाते में तीन महीने, किसी के खाते में छह महीने तक पेंशन पहुंचती रही। कोषागार ने सत्यापन कराया, तब पेंशनर्स की मृत्यु की सच्चाई सामने आई। जिसके बाद अतिरिक्त भुगतान की गई पेंशन की वसूली शुरू की गई।
मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान ने बताया कि कई पेंशनर्स के खातों से उनके परिजन ने रकम निकाल ली। उनसे वसूली के लिए आरसी भेजनी पड़ी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 30 सितंबर तक मंडल में 2.77 करोड़ रुपये मृतक पेंशनर्स के खाते में अतिरिक्त पहुंच गए थे। जिनमें 2.42 करोड़ की वसूली हो चुकी है। 34.93 लाख रुपये वसूली बकाया है।
मंडल में पेंशन का रिपोर्ट कार्ड
- आगरा: 95.21 लाख रुपये अतिरिक्त पहुंचा। 83.65 लाख वसूले। 11.55 लाख रुपये बकाया।
- मैनपुरी: 82.20 लाख रुपये अतिरिक्त पहुंचा। 67.76 लाख वसूले। 14.44 लाख रुपये बकाया।
- मथुरा: 70.24 लाख रुपये अतिरिक्त पहुंचा। 66.51 लाख वसूले। 3.72 लाख रुपये बकाया।
- फिरोजाबाद: 29.37 लाख रुपये अतिरिक्त पहुंचा। 24.16 लाख वसूले। 5.21 लाख रुपये बकाया।
(नोट: वसूली गई रकम के आंकड़े 30 सितंबर 2025 तक)
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मंडल के चारों जिलों में करीब 35 लाख रुपये अभी भी मृतक पेंशनर्स पर बकाया हैं। जिसकी वसूली के लिए पेंशनर्स के जिस बैंक में पेंशन जाती थी, उन बैंक प्रबंधकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिन पेंशनर्स की रकम उनके परिवार के सदस्य या नॉमिनी ने बैंक खाते से निकाल ली। और खर्च कर दी। उनके घर भी अमीन दस्तक दे रहे हैं।
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रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। रकम नहीं चुकाने पर गिरफ्तारी और संपत्ति नीलाम कर सरकारी धनराशि की वसूली के लिए चेताया जा रहा है। साल में एक बार पेंशनर्स को जीवित प्रमाणपत्र देना पड़ता है। जिससे 12 महीने पेंशन मिलती रहती है। 12 महीने के बीच में यदि पेंशनर्स की मृत्यु हो जाए तो परिवार को तत्काल सूचित करना होता है।
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मृत्यु की सूचना नहीं देने पर पेंशनर्स के खाते में पेंशन की रकम जाती रहती है। मृत्यु की सूचना मिलने पर ही पेंशन बंद होती है। आगरा में 200 से अधिक पेंशनर्स ऐसे मिले, जिनकी मृत्यु के बाद परिजन ने कोषागार में सूचना नहीं दी। मृत्यु के बाद किसी के खाते में तीन महीने, किसी के खाते में छह महीने तक पेंशन पहुंचती रही। कोषागार ने सत्यापन कराया, तब पेंशनर्स की मृत्यु की सच्चाई सामने आई। जिसके बाद अतिरिक्त भुगतान की गई पेंशन की वसूली शुरू की गई।
मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान ने बताया कि कई पेंशनर्स के खातों से उनके परिजन ने रकम निकाल ली। उनसे वसूली के लिए आरसी भेजनी पड़ी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 30 सितंबर तक मंडल में 2.77 करोड़ रुपये मृतक पेंशनर्स के खाते में अतिरिक्त पहुंच गए थे। जिनमें 2.42 करोड़ की वसूली हो चुकी है। 34.93 लाख रुपये वसूली बकाया है।
मंडल में पेंशन का रिपोर्ट कार्ड
- आगरा: 95.21 लाख रुपये अतिरिक्त पहुंचा। 83.65 लाख वसूले। 11.55 लाख रुपये बकाया।
- मैनपुरी: 82.20 लाख रुपये अतिरिक्त पहुंचा। 67.76 लाख वसूले। 14.44 लाख रुपये बकाया।
- मथुरा: 70.24 लाख रुपये अतिरिक्त पहुंचा। 66.51 लाख वसूले। 3.72 लाख रुपये बकाया।
- फिरोजाबाद: 29.37 लाख रुपये अतिरिक्त पहुंचा। 24.16 लाख वसूले। 5.21 लाख रुपये बकाया।
(नोट: वसूली गई रकम के आंकड़े 30 सितंबर 2025 तक)