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नवनिर्मित बिल्डिंग में बाल रोग ओपीडी बंद, लौटे मरीज
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फिरोजाबाद। डेंगू के प्रकोप के कारण सौ शैय्या अस्पताल के सामने नवनिर्मित बिल्डिंग में खोली गई बाल रोग ओपीडी सोमवार से एकाएक बंद कर दी गई। दो माह के लिए तैनात चिकित्सक और स्टाफ की संविदा खत्म होने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ओपीडी को फिर से सीमित करने का निर्णय लिया। वहीं, अन्य जनपदों से आए बाल रोग विशेषज्ञ भी अपनी मूल तैनाती स्थल पर लौट गए। ओपीडी बंद होने के कारण मरीजों को लौटना पड़ा।
अगस्त और सितंबर माह में डेंगू के प्रकोप के कारण संविदा पर डॉक्टर और अन्य स्टाफ को दो माह के लिए तैनात किया गया था। अन्य जिलों से भी बाल रोग विशेषज्ञों को बुलाया गया था। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ओपीडी को नवनिर्मित बिल्डिंग में शुरू करा दिया था। इससे मरीजों को काफी राहत मिली थी। 31 अक्तूबर को चिकित्सकों और स्टाफ की संविदा खत्म हो गई और करीब 30 चिकित्सक कार्यमुक्त हो गए। ऐसे में एक नवंबर अर्थात सोमवार से नवनिर्मित अस्पताल की ओपीडी बंद कर दी गई। ऐसे में मरीजों को लौटना पड़ा।
डेंगू से पीड़ित अधिक मरीजों के आने के कारण अन्य जनपदों से चिकित्सक बुलाए थे। स्थानीय स्तर पर भी दो माह के लिए डॉक्टर और स्टाफ को तैनात किया गया था। अब मरीज भी कम हो गए हैं। इसके साथ ही संविदा भी खत्म हो गई है। बाहर से आए चिकित्सक भी लौट गए हैं। ऐसे में अब पहले की भांति सौ शैय्या अस्पताल और कमरा नंबर 36 में ओपीडी का संचालन किया जा रहा है।
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डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज
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अगस्त और सितंबर माह में डेंगू के प्रकोप के कारण संविदा पर डॉक्टर और अन्य स्टाफ को दो माह के लिए तैनात किया गया था। अन्य जिलों से भी बाल रोग विशेषज्ञों को बुलाया गया था। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ओपीडी को नवनिर्मित बिल्डिंग में शुरू करा दिया था। इससे मरीजों को काफी राहत मिली थी। 31 अक्तूबर को चिकित्सकों और स्टाफ की संविदा खत्म हो गई और करीब 30 चिकित्सक कार्यमुक्त हो गए। ऐसे में एक नवंबर अर्थात सोमवार से नवनिर्मित अस्पताल की ओपीडी बंद कर दी गई। ऐसे में मरीजों को लौटना पड़ा।
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डेंगू से पीड़ित अधिक मरीजों के आने के कारण अन्य जनपदों से चिकित्सक बुलाए थे। स्थानीय स्तर पर भी दो माह के लिए डॉक्टर और स्टाफ को तैनात किया गया था। अब मरीज भी कम हो गए हैं। इसके साथ ही संविदा भी खत्म हो गई है। बाहर से आए चिकित्सक भी लौट गए हैं। ऐसे में अब पहले की भांति सौ शैय्या अस्पताल और कमरा नंबर 36 में ओपीडी का संचालन किया जा रहा है।
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डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य
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