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Agra News: श्रद्धालुओं के पैरों में चुभेंगे कंकड़ पत्थर
Thu, 28 Nov 2024 10:43 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 28 Nov 2024 10:43 PM IST
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सोरोंजी। आगामी 11 दिसंबर को संघ, विश्व हिंदू परिषद व अन्य संगठनों के द्वारा लक्खी पंचकोसी परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा। इस परिक्रमा में 10 लाख श्रद्धालुओं को शामिल कराने का लक्ष्य है, लेकिन परिक्रमा मार्ग की कई स्थानों पर हालत ऐसी है कि श्रद्धालुओं के पैरों में कंकड़ पत्थर चुभेंगे और परिक्रमा में इन कंकर पत्थरों से बाधा उत्पन्न होगी। परिक्रमा में आने वाले श्रद्धालुओं को होने वाली तकलीफ के समाधान को लेकर कोई कार्य होता नजर नहीं आ रहा।
नगरिया मार्ग से सेढू नगला की ओर जाने वाला मार्ग जो पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के बाछरू देव स्थल को जोड़ता है। इस मार्ग पर गहरे गड्ढे व सड़क काफी क्षतिग्रस्त है। इस मार्ग से जब आस्थावान परिक्रमार्थी नंगे पैर गुजरेंगे तो उनके पैरों को बड़ी तकलीफ होगी। सहावर मार्ग पर स्थित सीता रसोई से पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर प्रेमजी की बगीची तक सीसी सड़क का निर्माण कराया गया है। जबकि वहां से एक किलोमीटर आगे सिगनल वाले बाबा आश्रम तक सडक़ का निर्माण नहीं कराया गया है। इस कच्चे व गड्डायुक्त मार्ग से श्रद्धालु एक किलोमीटर ठोकर खाते हुए पहुंचने को विवश होते हैं। हर एकादशी को परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालुओं को काफी असुविधा होती है। जरासी बरसात से यह सडक़ दल दल में तब्दील हो जाती है। कई बार मांग करने के बाबजूद इस कच्चे मार्ग का निर्माण नहीं कराया जा रहा।
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नगरिया मार्ग से सेढू नगला की ओर जाने वाला मार्ग जो पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के बाछरू देव स्थल को जोड़ता है। इस मार्ग पर गहरे गड्ढे व सड़क काफी क्षतिग्रस्त है। इस मार्ग से जब आस्थावान परिक्रमार्थी नंगे पैर गुजरेंगे तो उनके पैरों को बड़ी तकलीफ होगी। सहावर मार्ग पर स्थित सीता रसोई से पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर प्रेमजी की बगीची तक सीसी सड़क का निर्माण कराया गया है। जबकि वहां से एक किलोमीटर आगे सिगनल वाले बाबा आश्रम तक सडक़ का निर्माण नहीं कराया गया है। इस कच्चे व गड्डायुक्त मार्ग से श्रद्धालु एक किलोमीटर ठोकर खाते हुए पहुंचने को विवश होते हैं। हर एकादशी को परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालुओं को काफी असुविधा होती है। जरासी बरसात से यह सडक़ दल दल में तब्दील हो जाती है। कई बार मांग करने के बाबजूद इस कच्चे मार्ग का निर्माण नहीं कराया जा रहा।
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