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जिला अस्पताल: पतली गैलरी...पांच कम्प्यूटर और 1500 मरीज, जल्दी पहुंचने के लिए होती है धक्का-मुक्की

Tue, 13 Oct 2020 01:37 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 13 Oct 2020 01:37 PM IST
सार

यहां पर्चा बनाने के लिए पतली सी गैलरी में पांच कंप्यूटर लगे हुए हैं। 1500 से अधकि मरीज पहुंचने पर यहां हालात बेकाबू हो गए।  काउंटर पर जल्दी पहुंचने के लिए धक्कामुक्की होने लगी, इसमें भिंचने से एक-दो मरीजों की हालत ही बिगड़ गई। 

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Patients Of Opd In District Hospital Agra
जिला अस्पताल में ओपीडी खुलने पर मरीजों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के जिला अस्पताल में ओपीडी खुलने पर मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। यहां पर्चा बनवाने के लिए मारामारी रही। जल्दी पर्चा बनवाने के लिए धक्कामुक्की हुई। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई। बीते सप्ताह जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी यहां कंप्यूटर बढ़ाकर महिला-पुरुष के लिए पर्चा बनवाने की अलग-अलग व्यवस्था नहीं की गई।
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सोमवार को ओपीडी खुली तो सुबह से ही परिसर मरीज-तीमारदारों से ठसाठस भर गया। यहां पर्चा बनाने के लिए पतली सी गैलरी में पांच कंप्यूटर लगे हुए हैं। 1500 से अधकि मरीज पहुंचने पर यहां हालात बेकाबू हो गए। काउंटर पर जल्दी पहुंचने के लिए धक्कामुक्की होने लगी, इसमें भिंचने से एक-दो मरीजों की हालत ही बिगड़ गई। गैलरी छोटी होने और बीते 15 दिन में ओपीडी में 20 फीसदी मरीज बढ़ने से मरीजों की मुसीबत भी बढ़ गई है।
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बीते सप्ताह निरीक्षण को आए डीएम ने यहां के हालात देखकर पर्चा बनवाने के लिए कंप्यूटर बढ़ाकर महिला-पुरुष की अलग-अलग व्यवस्था कराने को कहा था, जिससे मरीजों को परेशानी न हो। एसआईसी डॉ. बीएस यादव ने बताया कि पर्चा बनवाने को पांच कंप्यूटर लगाए गए हैं। सुबह सर्वर की दिक्कत के कारण भी पर्चा बनने में देरी हुई। गार्ड बढ़ाए गए हैं, एक-दो कंप्यूटर और लगाए जाएंगे। 
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मरीजों को नहीं मिलता स्ट्रेचर और वार्ड ब्वॉय
जिला अस्पताल में गंभीर मरीज और हड्डी टूटे मरीजों को वार्ड ब्वॉय सहयोग के लिए नहीं आते। इनको स्ट्रेचर और व्हीलचेयर भी उपलब्ध नहीं कराया जाता है। इससे मरीजों को तीमारदारों के भरोसे ही बमुश्किल वार्ड तक जाना होता है।

पर्चा बनवाने में ही घंटों लग रहे
भीड़ बहुत होती है, महिलाओं को ज्यादा परेेशानी हो रही है। यहां पर्चा बनवाने में ही घंटों लग जाते हैं। काउंटर पर दवाएं भी पूरी नहीं मिलीं, दो दवाएं बाहर की लिखी हैं।   -आशा देवी पंचकुइयां  

स्ट्रेचर मिला न वार्ड ब्वॉय ने सहारा दिया
पैर में प्लास्टर लगा होने के कारण चलने-फिरने में परेशानी हो रही है। वार्ड ब्वॉय नहीं मिला। स्ट्रेचर की भी व्यवस्था नहीं हो सकी। पत्नी के सहारे वार्ड तक गया। -राजवीर सिंह, कागरौल

लेडी लॉयल में भी नहीं सुधरे हालत, मरीजों को परेशानी
लेडी लॉयल में भी हालात नहीं सुधरे, पर्चा बनवाने और दवा देने के लिए काउंटर नहीं बढ़ाए गए हैं। इससे गर्भवतियों को इलाज के लिए डेढ़ से दो घंटे तक लाइन में खड़ा रहना होता है। इनके बैठने के लिए बेंच की भी व्यवस्था नहीं हुई है। मरीजों को लाइन में खड़ा न रहना पड़े इसके लिए माइक भी नहीं लगाया गया, जिससे मरीजों को नंबर के मुताबिक बुलाया जाए।
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