{"_id":"5d20ab288ebc3e6d1c2144e3","slug":"patients-dies-due-to-doctor-s-negligence-in-sn-medical-college-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सरकारी मेडिकल कॉलेज में पेशाब नली के संक्रमण में किया हड्डी रोग का इलाज, मरीज की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी मेडिकल कॉलेज में पेशाब नली के संक्रमण में किया हड्डी रोग का इलाज, मरीज की मौत
Sun, 07 Jul 2019 05:29 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 07 Jul 2019 05:29 PM IST
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की लापरवाही से मरीज की मौत हो गई। चिकित्सक पेशाब नली में संक्रमण के मरीज को हड्डी रोग का इलाज देते रहे। रातभर मरीज दर्द से कराहता रहा और सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर सही इलाज मिलता तो जान बच सकती थी।
कासगंज जिला जेल में बंदी सुरेश सिंह (62) को पेशाब नली में संक्रमण हो गया था। पेशाब नहीं उतर रहा था। छाती में दर्द के साथ सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी थी। कासगंज पुलिस शुक्रवार रात कैदी को लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी आई।
कैदी के रिश्तेदार प्रमोद सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में मरीज को चाय पिलाई। फिर डॉक्टर बोले कि हालत ठीक है, भर्ती करने की जरूरत नहीं है। लेकिन थोड़ी देर बाद मुंह और पेशाब नली से रक्त आने लगा। डॉक्टर को परेशानी बताने के दौरान तीमारदार ने छह साल पहले हुए मरीज के कूल्हे के ऑपरेशन की भी जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज जिला जेल में बंदी सुरेश सिंह (62) को पेशाब नली में संक्रमण हो गया था। पेशाब नहीं उतर रहा था। छाती में दर्द के साथ सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी थी। कासगंज पुलिस शुक्रवार रात कैदी को लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी आई।
विज्ञापन
कैदी के रिश्तेदार प्रमोद सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में मरीज को चाय पिलाई। फिर डॉक्टर बोले कि हालत ठीक है, भर्ती करने की जरूरत नहीं है। लेकिन थोड़ी देर बाद मुंह और पेशाब नली से रक्त आने लगा। डॉक्टर को परेशानी बताने के दौरान तीमारदार ने छह साल पहले हुए मरीज के कूल्हे के ऑपरेशन की भी जानकारी दी।
विज्ञापन
हड्डी रोग विभाग में कराया भर्ती
इस पर उन्होंने सुरेश सिंह की फाइल बनवाकर हड्डी रोग विभाग में भर्ती करवा दिया। वहां चिकित्सकों ने देखा तो पेशाब नली की समस्या पाते हुए उसको सर्जरी रोग विभाग में भर्ती कराने के लिए कहा। लेकिन पूर्व में परीक्षण करने वाले डॉक्टर ने उनको फटकारा।
डॉक्टर ने कहा कि जानबूझकर दूसरे विभाग में टाल रहे हो, विभागाध्यक्ष-प्राचार्य से शिकायत करता हूं। इसके बाद सुरेश को हड्डी रोग विभाग में शिफ्ट कर दिया गया। प्रमोद के अनुसार रातभर पेशाब न उतरने से रक्त आने लगा। सुरेश पूरी रात दर्द से कराहते रहा।
डॉक्टरों के पास गए तो उन्होंने इमरजेंसी जाकर वार्ड बदलवाने के लिए कहा। इमरजेंसी आकर समस्या बताई तो स्टाफ ने बताया कि सुबह ओपीडी में पर्चा बनने के बाद ही वार्ड बदलेगा। सुबह सात बजे मरीज की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का कहना है कि इमरजेंसी प्रभारी से इसकी रिपोर्ट तलब कर यह गड़बड़ी कैसे हुई, इसकी जांच कराता हूं।
डॉक्टर ने कहा कि जानबूझकर दूसरे विभाग में टाल रहे हो, विभागाध्यक्ष-प्राचार्य से शिकायत करता हूं। इसके बाद सुरेश को हड्डी रोग विभाग में शिफ्ट कर दिया गया। प्रमोद के अनुसार रातभर पेशाब न उतरने से रक्त आने लगा। सुरेश पूरी रात दर्द से कराहते रहा।
डॉक्टरों के पास गए तो उन्होंने इमरजेंसी जाकर वार्ड बदलवाने के लिए कहा। इमरजेंसी आकर समस्या बताई तो स्टाफ ने बताया कि सुबह ओपीडी में पर्चा बनने के बाद ही वार्ड बदलेगा। सुबह सात बजे मरीज की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का कहना है कि इमरजेंसी प्रभारी से इसकी रिपोर्ट तलब कर यह गड़बड़ी कैसे हुई, इसकी जांच कराता हूं।