Agra: पिछली घटना से भी नहीं लिया सबक, एसएन में अग्निशमन विभाग की एनओसी के बिना भर्ती किए जा रहे मरीज
एसएन मेडिकल कॉलेज हो या फिर शहर के तमाम निजी अस्पताल। मरीज ही नहीं तीमारदार, चिकित्सकों समेत स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की जान के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। इन अस्पतालों में अग्निशमन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं है। ये हाल तब है जब एसएन की इस इमारत में बीते मार्च में आग लग गई थी। मरीजों को आनन-फानन में बाहर निकाला गया था।
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की 90 करोड़ रुपये की लागत से बनी आठ मंजिला इमारत में अग्निशमन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र के बिना ही मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। इस इमारत में आठ विभाग संचालित हैं। 350 मरीज भर्ती रहते हैं। बीते मार्च में भी यहां आग लग गई थी। मरीजों को बाहर निकाला गया था।
ये विभाग हैं इस इमारत में
आठ मंजिला इमारत में हड्डी रोग, सर्जरी विभाग, ईएनटी रोग, अल्ट्रासाउंड सेंटर, वायरोलॉजी लैब और पैथोलॉजी लैब संचालित है। इन विभागों में 300 मरीज भर्ती रहते हैं। तीमारदार, चिकित्सकों समेत स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों समेत एक वक्त में दो हजार से अधिक लोग इस इमारत में मौजूद रहते हैं। ये इमारत वर्ष 2016 में हैंडओवर हुई, लेकिन इसमें मानकों की कमी के कारण फायर एनओसी नहीं मिली। बीते मार्च में आग लगने के बाद इसमें से सभी मरीजों को जैसे-तैसे बाहर निकाला जा सका था। अभी भी इस इमारत के लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं है।
एनओसी के लिए किया गया आवेदन
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि नए सिरे से अग्निशमन उपकरण लगाए हैं, एनओसी के लिए आवेदन कर दिया है। एक बार टीम निरीक्षण भी कर चुकी है।
जिला अस्पताल का ओपीडी भवन करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसकी पहली और दूसरी मंजिल पर ओपीडी संचालित है। इसका भी अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया गया है। रखरखाव के अभाव में उपकरण खराब भी होने लगे हैं। इसमें भी एक वक्त में तीन हजार से अधिक मरीज-तीमारदार और स्टाफ मौजूद रहता है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. अशोक अग्रवाल ने बताया कि पानी के टैंक समेत अन्य मानक पूरे हैं, इमारत के चारों ओर छह मीटर जगह बनाई जा रही है, इससे एनओसी अटकी पड़ी है। होम्योपैथिक क्लीनिक हटने के बाद ये रास्ता भी साफ हो जाएगा।
निजी अस्पतालों में भी खानापूर्ति
निजी अस्पतालों में भी अग्निशमन इंतजाम की खानापूर्ति है। अग्निशमन विभाग की टीम ने बीते महीने करीब 400 हॉस्पिटलों का निरीक्षण किया था। इसमें से 50 निजी अस्पतालों में मानक नहीं मिले, इनमें कर्मचारी प्रशिक्षित नहीं थे, अग्निशमन उपकरण खराब मिले थे और कार्य नहीं कर रहे थे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अक्षय रंजन शर्मा ने बताया कि इन अस्पतालों को नोटिस दिया है। मानक पूरा न करने पर इनकी एनओसी निरस्त कर दी जाएगी।