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लापरवाह सिस्टमः पिता के शव के लिए साढ़े सात घंटे भटकते रहे बेटे
Sat, 09 May 2020 12:07 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 09 May 2020 12:07 AM IST
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बोदला रोड मारूति एस्टेट निवासी राजीव जैन ( 56) की मौत शुक्रवार सुबह नौ बजे एसएन मेडिकल कॉलेज में हो जाने के बाद परिजनों को शव दोपहर बाद साढ़े चार बजे मिला। इस बीच ये लोग डॉक्टरों, अफसरों के चक्कर काटते रहे।
बेटे ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड के स्टाफ ने इनसे कह दिया कि शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। वहां के कर्मचारी ने कहा कि शव रखे हैं, पहचान कर लो। वहां शव नहीं मिला। इसके बाद मेयर नवीन जैन से फोन कराया। तब जाकर इन्हें शव मिल सका।
राजीव जैन को गुर्दे की बीमारी थी। डायलिसिस के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज लाया गया था। यहां उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। परिजनों को घर भेज दिया गया। उनसे कहा कि उन्हें हर जानकारी फोन पर दी जाएगी। देर रात तक फोन नहीं आया तो बेटे आदीश जैन ने संपर्क किया। सूचना मिली कि डायलिसिस के बाद पिता की मृत्यू हो गई है।
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बेटे ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड के स्टाफ ने इनसे कह दिया कि शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। वहां के कर्मचारी ने कहा कि शव रखे हैं, पहचान कर लो। वहां शव नहीं मिला। इसके बाद मेयर नवीन जैन से फोन कराया। तब जाकर इन्हें शव मिल सका।
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राजीव जैन को गुर्दे की बीमारी थी। डायलिसिस के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज लाया गया था। यहां उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। परिजनों को घर भेज दिया गया। उनसे कहा कि उन्हें हर जानकारी फोन पर दी जाएगी। देर रात तक फोन नहीं आया तो बेटे आदीश जैन ने संपर्क किया। सूचना मिली कि डायलिसिस के बाद पिता की मृत्यू हो गई है।
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आदीश ने बताया कि दिए गए समय पर सुबह नौ बजे वे लोग पहुंचे तो डॉक्टरों ने उनसे कहा कि शव थोड़ी देर में मिल जाएगा। हाथ में पर्ची दे दी, इस पर लिखा था कि शव सौंप दिया है। डॉक्टर चले गए।
स्टाफ ने कह दिया कि शव थोड़ी देर में मिल जाएगा। इस पर एसएन के अधिकारियों के पास गए। आरोप है कि उन्होंने नहीं सुनी तो मेयर नवीन जैन से फोन कराया। इसके बाद डॉक्टर ने बताया कि शव वार्ड में ही ले जाओ।
महिला सिपाही की बेटी दूध के लिए बिलखी
सिकंदरा के ईश्वर नगर में दो दिन पहले दम तोड़ने वाली संक्रमित सिपाही की छह दिन की बेटी शुक्रवार को घंटों तक दूध के लिए बिलखती रही। पुलिस ने घर के पास बल्लियां लगा दी हैं। घर में बच्ची के ताऊ और दादी हैं। गली सील होने के कारण ये लोग बाहर नहीं जा पाए।
दूधिया आया नहीं। पूर्व पार्षद मुकेश यादव ने बताया कि सिपाही की सास का फोन आने पर उन्होंने दूध भिजवा दिया। प्रशासन को चाहिए कि सिपाही के परिवार को जरूरी सामान घर पर ही मुहैया कराया जाए।
स्टाफ ने कह दिया कि शव थोड़ी देर में मिल जाएगा। इस पर एसएन के अधिकारियों के पास गए। आरोप है कि उन्होंने नहीं सुनी तो मेयर नवीन जैन से फोन कराया। इसके बाद डॉक्टर ने बताया कि शव वार्ड में ही ले जाओ।
महिला सिपाही की बेटी दूध के लिए बिलखी
सिकंदरा के ईश्वर नगर में दो दिन पहले दम तोड़ने वाली संक्रमित सिपाही की छह दिन की बेटी शुक्रवार को घंटों तक दूध के लिए बिलखती रही। पुलिस ने घर के पास बल्लियां लगा दी हैं। घर में बच्ची के ताऊ और दादी हैं। गली सील होने के कारण ये लोग बाहर नहीं जा पाए।
दूधिया आया नहीं। पूर्व पार्षद मुकेश यादव ने बताया कि सिपाही की सास का फोन आने पर उन्होंने दूध भिजवा दिया। प्रशासन को चाहिए कि सिपाही के परिवार को जरूरी सामान घर पर ही मुहैया कराया जाए।