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शहर में नए टैक्स की एंट्री, जानिए क्या है मिठाई और चाय-पानी टैक्स

Sun, 24 Dec 2017 11:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Sun, 24 Dec 2017 11:35 PM IST
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patient are being charged sweet and tea-water tax in SN medical college staff in Agra
एसएन मेडिकल कालेज - फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कालेज में मरीजों से दो नए तरह के टैक्स वसूले जा रहे हैं। नए टैक्स के नाम जानकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। जी हां, एसएन मेडिकल कालेज में मरीजों से आज कल मिठाई और चाय-पानी टैक्स वसूला जा रहा है। ये टैक्स किसी सरकार द्वारा नहीं बल्कि अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा शुरू किया गया है। 
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लेडी लायल में प्रसूताओं से सकुशल प्रसव कराने के बाद मिठाई के नाम पर वसूली की जा रही है। वहीं मेडिकल कालेज का स्टाफ मरीजों से सुविधाएं देने के एवज में चाय-पानी टैक्स के नाम पर उगाही की जा रही है। 
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लेडी लायल में प्रसूताओं पर ‘मिठाई टैक्स’ तो एसएन मेडिकल कॉलेज का स्टाफ भी उगाही में पीछे नहीं है। प्रसव एवं स्त्री रोग विभाग में भी टैक्स लगता है, जिसे यहां ‘चाय-पानी टैक्स’ के नाम से जाना जाता है। प्रसव में सहयोग करने वाले प्रति सदस्य के लिए 100-100 रुपये मांगे जाते हैं। एसएन अस्पताल के प्रसव एवं स्त्री रोग विभाग में रोजाना 30-40 प्रसव होते हैं। 
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सामान्य प्रसव पर चाय-पानी के नाम पर 1500 रुपये से कम नहीं लेते। अगर ऑपरेशन से प्रसव हुआ है तो 1000 रुपये मांगे जाते हैं। तर्क दिया जाता है कि आठ-10 का स्टाफ है, इतनी मेहनत की है। खुशी का मौका है, चाय-पानी के खर्च के लिए 100-100 रुपये तो मिलने चाहिए। 
 

मिठाई टैक्स की जांच करने के लिए कमेटी गठित

patient are being charged sweet and tea-water tax in SN medical college staff in Agra
जांच शुरू - फोटो : amar ujala
लेडी लायल (महिला जिला अस्पताल) में प्रसूताओं से मिठाई टैक्स वसूलने पर जांच बैठ गई है। अस्पताल प्रशासन ने सीएमएस के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। 

प्रसव बाद उनसे मिठाई के नाम पर 500 और 1000 रुपये तक वसूले जाते हैं। रुपये न देने पर नवजात को काफी देर तक परिजनों को नहीं सौंपा जाता। उगाही के इस नए तरीके की शिकायत अस्पताल प्रशासन तक पहुंची। मामले को गंभीर लेते हुए एसआईसी ने जांच कराने का निर्णय लिया है। 

एसआईसी डा. आशा शर्मा ने बताया कि मरीजों से किसी भी रूप में रुपये मांगने पर सख्त निर्देश दिए हैं। ऐसे में शिकायतों की जांच के लिए सीएमएस डा. कल्याणी मिश्रा के नेतृत्व में डा. रेखा गुप्ता और डा. शैली गुप्ता की टीम बनाई है। इनको जांच कर सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। 
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