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Agra News: एसएन में तीन काउंटरों के भरोसे पैथोलॉजी, ई-हॉस्पिटल के दावे सिर्फ कागजों में

Thu, 08 Oct 2026 02:32 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:32 AM IST
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Pathology services at SN Hospital rely on just three counters; e-hospital claims exist only on paper.
एसएन में लगी भीड़
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज की आस लेकर आ रहे मरीजों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ओपीडी में खून और यूरिन समेत अन्य पैथोलॉजी जांच कराने के लिए तीमारदारों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। यही नहीं, जांच के बाद रिपोर्ट हासिल करने के लिए भी कई-कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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ओपीडी में रोजाना 500-600 मरीजों की पैथोलॉजी जांच की जा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से बनाए गए सैंपल कलेक्शन सेंटर पर बिल जमा करने, रिपोर्ट लेने और सैंपल देने के लिए मात्र एक-एक ही काउंटर संचालित है। काउंटर कम होने की वजह से सेंटर पर सुबह से ही भारी भीड़ जुट जाती है। इसके चलते दूरदराज से आने वाले मरीजों को दो से तीन घंटे तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। मरीजों का आरोप है कि रिपोर्ट समय पर नहीं मिलती और पूछताछ करने पर स्टाफ भी अनसुनी कर देता है।
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ऑनलाइन रिपोर्ट का दावा हवा, भटक रहे तीमारदार

एसएन मेडिकल कॉलेज में ई-हॉस्पिटल की सुविधा शुरू हो चुकी है, जिसके तहत जांच रिपोर्ट सीधे मरीज के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजने का दावा किया जा रहा है। ओपीडी में आने वाले तीमारदारों का आरोप है कि डिजिटल सेवा होने के बावजूद उनके फोन पर कोई रिपोर्ट नहीं आ रही है। यदि यह सुविधा सुचारू रूप से चले, तो मरीज कहीं से भी प्रिंट निकालकर चिकित्सक को दिखा सकते हैं, जिससे अस्पताल के चक्कर लगाने और लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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पीड़ा: धक्का-मुक्की और भागदौड़ से बेहाल जनता


तीन घंटे में आया नंबर: डॉक्टर साहब ने पर्चे पर जांचें लिखी थीं। पहले पर्चा बनवाने और फिर नमूना देने के लिए 2-3 घंटे लाइन में लगना पड़ा। भारी धक्का-मुक्की भी झेलनी पड़ी। घर पर बच्चे को छोड़कर आई हूं, इस व्यवस्था में जल्दी सुधार होना चाहिए।
— सोना, निवासी: फतेहपुरसीकरी

रिपोर्ट के लिए लगा रहा चक्कर: डॉक्टर ने खून समेत कई जांचें लिखी हैं। नमूना देने के बाद अब रिपोर्ट लेने आया हूं, लेकिन दो अलग-अलग काउंटरों के चक्कर लगाने के बाद भी रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। अस्पताल में कोई सही जानकारी देने वाला भी नहीं है।

— संतोष कुमार, निवासी: नवलपुर


ओपीडी में पांच-छह काउंटर और बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे भीड़ नियंत्रित होगी। इसके साथ ही सभी जांच रिपोर्ट में मरीजों के फोन नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के लिए स्टाफ को निर्देशित किया गया है।
डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य
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