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Agra: इलेक्ट्रिक बस.... कब और कहां से मिलेंगी, समय सारिणी तय नहीं, यात्रियों को करना पड़ता है इंतजार
Mon, 28 Nov 2022 01:39 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 28 Nov 2022 01:39 PM IST
सार
स्मार्ट सिटी के तहत आगरा को 100 में से अब तक 96 ई-बसें मिल चुकी हैं, लेकिन इन बसों की अब तक समय सारिणी तय नहीं हो सकी है। इससे यात्रियों को इंतजार करना पड़ रहा है।
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इलेक्ट्रिक बस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा स्मार्ट सिटी में शहरवासियों को सुगम यातायात के लिए इलेक्ट्रिक बसों का तोहफा दिया गया था। लेकिन, 96 बसों में से केवल 14 ही शहर की एमजी रोड पर दौड़ रही हैं। सबसे ज्यादा यात्रियों का लोड भी इसी रूट पर है। लोगों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। बस किस चौराहे पर कब मिल पाएगी, इसके बारे में किसी को पता नहीं होता। बस चार्जिंग में चले जाने पर दो-तीन घंटे तक लोगों को बस नहीं मिल पा रही है।
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स्मार्ट सिटी के तहत आगरा को 100 में से अब तक 96 ई-बसें मिल चुकी हैं। हालांकि 32 सीटर इन बसों में ज्यादातर यात्री खड़े होकर सफर करते हैं। भगवान टॉकीज से आगरा कैंट स्टेशन रूट पर महज 14 ई-बसें ही हैं। इसी रूट पर सबसे ज्यादा स्कूल-कॉलेज और सरकारी व गैर सरकारी दफ्तर हैं। शहर का सबसे बड़ा व्यावसायिक स्थल संजय प्लेस भी इसी रूट पर है। ऐसे में प्रतिदिन 50 हजार से ज्यादा सवारियों का आवागमन सुबह से शाम तक रहता है।
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इसके बाद भी ई-बस के लिए लोगों को राजामंडी, सेंट जोंस चौराहा, नालबंद चौराहे पर रोजाना इंतजार करना पड़ता है। किस रूट की बस किस वक्त मिल पाएगी, बस की लोकेशन कहां हैं। कितनी देर में किस स्टॉपेज पर मिलेगी, यह जानकारी नहीं मिल पाती है। ऐसे में दफ्तर व स्कूल कालेज में समय से पहुंचने वाले लोग ई-रिक्शा से सफर करने को मजबूर हैं।
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देहात के रूटों पर घाटे में दौड़ रहीं
स्मार्ट सिटी में प्रदूषण कम करने की दृष्टि से संचालित की जा रहीं ई-बसें देहात के रूटों पर घाटे के बाद भी चलाई जा रही हैं। खेरागढ़ रूट पर 15, फतेहपुर सीकरी पर 8, फतेहाबाद पर 2 सहित देहात के अन्य रूटों पर बसें चलाई जा रही हैं। आगरा-मथुरा सिटी बस ट्रांसपोर्ट के अधिकारियों का कहना है कि ई-बसें करोड़ों के घाटे में चल रही हैं, इनका किराया बहुत कम होना भी वजह है। घाटे में चलने के कारण आंवलखेड़ा रूट की बसों का संचालन बंद करना पड़ा।एयरपोर्ट पर भी लगाईं चार बसें
ई-बसों का संचालन खेरिया हवाई अड्डे पर भी किया जा रहा है। यहां स्थायी रूप से दो मार्कोपोलो और दो ई-बसें लगी हुई हैं, जो हवाई अड्डे पर ही रहती हैं।दोपहर में चार्जिंग, सवारियां करतीं इंतजार
बसों के संचालन की व्यवस्था बेपटरी है। ज्यादातर बसें दोपहर को चार्जिंग स्टेशन नरायच भेज दी जाती हैं। ऐसे में स्कूलों की छुट्टी होने पर बच्चों को भी बसें नहीं मिल पाती हैं। सवारियां बसों का इंतजार करतीं देखी जाती हैं।स्कूलों के पास भी नहीं रुकती बसें
छात्रा योगिता ने बताया कि इन बसों का किराया कम है, ऐसे में हम सोचते हैं कि आगरा कॉलेज से ई-बस से घर चले जाएंगे। दोपहर में छुट्टी के बाद काफी समय तक बसें नहीं मिल पाती हैं। इनका कोई फायदा छात्रों को नहीं मिल सका है।छात्र निखिल खंडेलवाल ने कहा कि बसों को स्कूलों के आसपास स्टापेज बनाए जाने चाहिए। भगवान टॉकीज के अलावा ई-बसें किसी स्टापेज पर आसानी से नहीं मिल पाती हैं।
आगरा मथुरा सिटी बस ट्रांसपोर्ट के प्रबंधक सारिका शर्मा ने कहा कि 96 ई-बसें संचालित की जा रही हैं। हो सकता है कि चार्जिंग में भेजे जाने के कारण ई-बसें नहीं मिल पाई हों, लेकिन कर्मचारी नजर रखते हैं। लोड के मुताबिक बसें भेजते हैं। जहां तक ई-बस के एप आदि की बात है, तो उस पर काम चल रहा है।