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Agra: निजी स्कूलों की मनमानी- सब कुछ उनकी ही 'दुकान' से लेने के लिए बना रहे हैं दबाव, अभिभावकों ने किया हंगामा

Wed, 29 Mar 2023 12:15 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 29 Mar 2023 12:15 AM IST
सार

आगरा में निजी स्कूलों की मनमानी पर मंगलवार को अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने कॉपी-किताब की बिक्री के लिए घरों में बनाए गोदाम का विरोध किया। कहा कि बिना कॉपी लिए पुस्तकें नहीं दी जा रही हैं। इसके अलावा कापी-किताबों का कोई बिल भी नहीं दिया जा रहा है। वसूली चल रही है।

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Parents create ruckus for not giving bills and not giving books without copies in Agra
घरों में बने गोदाम से पुस्तकों की बिक्री, बिल न देने पर भड़के अभिभावक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में अभिभावकों ने पुस्तकों का बिल नहीं दिए जाने और कॉपियां खरीदने की बाध्यता पर हंगामा किया। पुस्तकें भी घर में बने गोदाम से दी जा रही हैं। दुकान का नाम, होर्डिंग और जीएसटी नंबर तक दर्ज नहीं है। इस मनमानी पर अभिभावक और पापा संस्था जीएसटी विभाग में शिकायत करेंगे।

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प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पैरेंट्स अवेयरनेस के संयोजक दीपक सिंह सरीन ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों ने बच्चों को परिजन बैग, पुस्तक लेने के लिए सदर स्थित राठी बुक डिपो का पता दिया। यहां पहुंचे तो दुकान पर नाम, फोन नंबर, होर्डिंग, जीएसटी नंबर, प्रोपराइटर का नाम दर्ज नहीं था। घर में ही गोदाम बना था। ये विभिन्न कक्षाओं का पूरा सेट लेने के लिए बाध्य कर रहे थे। 

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बिना कॉपियों के नहीं दे रहे पुस्तकें 

कॉपियां लेने के लिए भी दबाव बना रहे थे। बिना कॉपियों के पुस्तकें भी नहीं दे रहे थे। इस पर अभिभावकों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि वह इस बारे में गृह मंत्रालय और जीएसटी विभाग में शिकायत करेंगे। इस दौरान सुमित सक्सेना, मनोज गोयल, जयवीर सिंह, हरजिंदर सिंह आदि मौजूद रहे।

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स्कूलों का बंधा है कमीशन

प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पैरेंट्स अवेयरनेस के मनोज शर्मा ने कहा कि औसतन पांच से छह हजार रुपये का सेट है। इसमें लंच बॉक्स, बैग भी लेने के लिए बाध्य करते हैं। पुस्तक विक्रेताओं से पता चला है कि इनमें स्कूल संचालकों का भी कमीशन है। दुकानदार जीएसटी कर और बिल नहीं दे रहे हैं, इससे राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। इसकी शिकायत करेंगे।

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