चंबल के तेज बहाव में बहने लगा पांटून पुल: नदी के बीचोंबीच फंसे कई कर्मचारी, ऐसे किया गया रेस्क्यू
बरसात के कारण पांटून पुल बंद है। इसे पिनाहट घाट पर मजबूत रस्सों से बांधा गया था, लेकिन रस्से टूटने से पुल चंबल नदी में बहने लगा।
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आगरा जिले के पिनाहट थाना क्षेत्र में चंबल नदी का पांटून पुल रविवार की सुबह पानी के तेज बहाव में बह गया। पांटून पुल बहने से ठेकेदार और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जब यह घटना हुई, उस वक्त पुल पर कई कर्मचारी थे। स्टीमर से पीछा कर कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया। इसके बाद पांटून पुल को दोबारा घाट किनारे लाकर रस्सियों से बांधा गया।
चंबल नदी को पार करने के लिए पिनाहट घाट पर अस्थायी पांटून पुल बना हुआ है। यह पुल बरसात के चार महीने के लिए पिनाहट घाट से हटा दिया जाता है। इसी के चलते इस पुल को घाट किनारे मजबूत रस्सियों से बांधा गया था। पुल पर कुछ कर्मचारी रह रहे थे। बताया गया है कि रविवार की सुबह पांटून पुल में बंधी रस्सियां अचानक टूट गईं।
एक किमी दूर रोका गया पुल
चंबल नदी में तेज बहाव होने के कारण पांटून पुल बहने लगा। यह देखकर उस पर मौजूद कर्मचारी चीखने-चिल्लाने लगे। घाट पर आसपास के लोग एकत्र हो गए। ठेकेदार व अन्य कर्मचारियों ने स्टीमर से करीब एक किमी तक पीछा करने के बाद पांटून पुल को बीच धार में रोका। इसके बाद उस पर मौजूद सभी कर्मचारियों को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
कर्मचारियों को सुरक्षित नदी से निकालने के बाद रस्सों की सहायता से पांटून पुल को दोबारा घाट पर लाया गया। इस दौरान कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बता दें कि पूर्व में भी चंबल नदी में आई बाढ़ के चलते पांटून पुल बह गया था। जबकि पुल के रखरखाव के लिए लाखों रुपए का ठेका होता है। इसके बावजूद इसकी देखरेख में लापरवाही बरती जाती है।
राजस्थान, मध्यप्रदेश में हुई बारिश से एक बार फिर चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार को चंबल नदी 117.50 मीटर जलस्तर पर बह रही थी। रात को फिर से जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी। पिनाहट घाट पर चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता हुआ रविवार सुबह 10 बजे तक 120.40 पहुंच गया है।