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आगरा के आंवलखेड़ा में ट्रायल सफल, आज से अस्पतालों में होगी ऑक्सीजन की आपूर्ति
Fri, 18 Sep 2020 12:13 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 18 Sep 2020 12:13 AM IST
सार
- सेंटर में एक घंटे में करीब 50 सिलिंडर री-फिलिंग की है क्षमता, ऑक्सीजन की कमी दूर करने में मिलेगी मदद
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ऑक्सीजन के सिलिंडर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के आंवलखेड़ा में स्थापित सेंटर में गुरुवार को ऑक्सीजन री-फिलिंग का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। शुक्रवार से सेंटर से ऑक्सीजन की आपूर्ति होने लगेगी। इससे जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी।
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आंवलखेड़ा के सेंटर में एक घंटे में करीब 50 सिलिंडर में ऑक्सीजन की री-फिलिंग करने की क्षमता है। जिले का यह पहला ऑक्सीजन री-फिलिंग सेंटर है। अभी तक अलीगढ़ और मथुरा के सेंटरों से जिले में ऑक्सीजन मंगाई जा रही थी।
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जिलें मे स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत अस्पतालों की संख्या करीब 450 है। सेंटर से आपूर्ति शुरू होने से इनको सहूलियत हो जाएगी। और अधिक मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकेगी। यह जानकारी सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन ने दी है।
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नए आइसोलेशन वार्ड को ऑक्सीजन टैंक से जोड़ा गया
एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में बने 100 बेड के नए आइसोलेशन वार्ड को ऑक्सीजन टैंक से जोड़ दिया गया। अब पाइप लाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी। प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि इस सुविधा के शुरू होने के बाद सिलिंडर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अस्पतालों में जरूरत 2000 सिलिंडर की मिल रहे 800
जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत बरकरार है। यहां जरूरत 2000 से अधिक ऑक्सीजन सिलिंडर की है, जबकि आपूर्ति 800 सिलिंडर की हो पा रही है। सामान्य दिनों में जिले में करीब 800 सिलिंडर की जरूरत होती है। संक्रमण की वजह से ऑक्सीजन की खपत दोगुने से भी अधिक हो गई है। कोविड अस्पतालों में भी ऑक्सीजन का सीमित भंडारण है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी का कहना है कि जिला प्रशासन और औषधि विभाग की ओर से ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है पर जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन की आपूर्ति अभी भी नहीं हो पा रही है। आपूर्ति बढ़ाने के और भी प्रयास करने होंगे। औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा का कहना है कि जल्द किल्लत दूर हो जाएगी। आंवलखेड़ा से आपूर्ति शुरू हो रही है, सिकंदरा और टेढ़ी बगिया में भी प्लांट खुलने जा रहा है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में बने 100 बेड के नए आइसोलेशन वार्ड को ऑक्सीजन टैंक से जोड़ दिया गया। अब पाइप लाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी। प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि इस सुविधा के शुरू होने के बाद सिलिंडर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अस्पतालों में जरूरत 2000 सिलिंडर की मिल रहे 800
जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत बरकरार है। यहां जरूरत 2000 से अधिक ऑक्सीजन सिलिंडर की है, जबकि आपूर्ति 800 सिलिंडर की हो पा रही है। सामान्य दिनों में जिले में करीब 800 सिलिंडर की जरूरत होती है। संक्रमण की वजह से ऑक्सीजन की खपत दोगुने से भी अधिक हो गई है। कोविड अस्पतालों में भी ऑक्सीजन का सीमित भंडारण है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी का कहना है कि जिला प्रशासन और औषधि विभाग की ओर से ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है पर जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन की आपूर्ति अभी भी नहीं हो पा रही है। आपूर्ति बढ़ाने के और भी प्रयास करने होंगे। औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा का कहना है कि जल्द किल्लत दूर हो जाएगी। आंवलखेड़ा से आपूर्ति शुरू हो रही है, सिकंदरा और टेढ़ी बगिया में भी प्लांट खुलने जा रहा है।