आगरा: ऑक्सीजन प्लांट नहीं हुआ ठीक, सिलिंडर से कर रहे भरपाई, गंभीर मरीजों के इलाज में दिक्कत
कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निपटने के लिए इमरजेंसी में 1000 लीटर प्रति मिनट की दर से ऑक्सीजन बनाने का प्लांट 14 अगस्त से खराब है। जो अब तक ठीक नहीं हुआ है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई गंभीर हाल में भी हैं। इनको ऑक्सीजन देने के लिए सिलिंडरों का सहारा लेना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में बना ऑक्सीजन प्लांट खराब है। इससे मरीजों के इलाज में दिक्कत हो रही है।
कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निपटने के लिए इमरजेंसी में 1000 लीटर प्रति मिनट की दर से ऑक्सीजन बनाने का प्लांट अगस्त के पहले सप्ताह में शुरू हो गया था। इससे इमरजेंसी के सभी बेड तक सीधे ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था भी कर दी। लेकिन तकनीकी खराबी के कारण 14 अगस्त को यह खराब हो गया।
डेंगू-वायरल फीवर के बढ़ रहे मरीज
बीते 10 दिन से डेंगू-वायरल फीवर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनमें गंभीर हाल के भी मरीज हैं। इमरजेंसी में आने वाले वायरल फीवर और डेंगू के संदिग्ध मरीजों समेत अन्य गंभीर हाल के मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। प्लांट ठीक नहीं हो पाने के कारण मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन के सिलिंडर लेकर आने पड़ रहे हैं।
18 अगस्त को खराब हुआ हुआ था प्लांट
वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में बना ऑक्सीजन प्लांट भी 18 अगस्त से खराब है। टीबी के मरीजों के लिए भी अब फिर से ऑक्सीजन की जरूरत होने पर सिलिंडर उपयोग में लाए जा रहे हैं।
कार्यदायी कंपनी से कहा है
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि इमरजेंसी और वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में लगे ऑक्सीजन प्लांट को ठीक कराने के लिए कार्यदायी कंपनी से कहा गया है। बीच में ट्रायल भी करके देखा था। अभी तकनीकी दिक्कत ठीक नहीं हुई है। कंपनी के इंजीनियर इसे जल्द संचालित करने की कह रहे हैं।