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एक्सक्लूसिव: कैसे मिले किसानों को 'सम्मान', केंद्र सरकार के डाटा में नहीं हैं मैनपुरी की तीन तहसीलें

Wed, 24 Mar 2021 12:12 AM IST
मुकेश कुमार ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला, मैनपुरी
ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 24 Mar 2021 12:12 AM IST
सार

  • मैनपुरी जिले में हैं कुल छह तहसीलें, केंद्र सरकार के डाटा में सिर्फ तीन 
  • किसान सम्मान निधि में आ रही समस्या, कृषि विभाग ने किया पत्राचार

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only three tehsils of mainpuri in central government data
मैनपुरी जिला मुख्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी जिले में तहसीलों की संख्या अब छह हो गई है, लेकिन केंद्र सरकार के डाटा में आज भी जिले की पुरानी तीन तहसीलें ही दर्ज हैं। इसका खुलासा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के आवेदनों में आई गड़बड़ी से हुआ। इससे कृषि विभाग के सामना बड़ी समस्या हो गई है। विभाग ने इसे सही कराने के लिए पत्राचार भी किया है। 

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वर्तमान में मैनपुरी में कुल छह तहसीलें हैं। इनमें मैनपुरी, भोगांव और करहल पुरानी हैं। बाद में लोगों के हित को देखते हुए राज्य सरकार ने किशनी, घिरोर और कुरावली में भी तहसील स्थापित कर दी। वर्षों बीतने के बाद भी अब तक ये तहसीलें केंद्र सरकार के डाटा में अपडेट नहीं हो सकीं। 
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हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकरण किसानों का त्रुटिपूर्ण डाटा उपलब्ध कराया गया था। इसमें संबंधित तहसील के गांव में जब कृषि विभाग ने संपर्क किया तो वहां वह किसान मिला ही नहीं। 

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लगातार कई बार ऐसा होने पर जब विभाग ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि ऐसा तीन तहसीलों के ही केंद्र के डाटा में दर्ज होने के कारण हो रहा है। इस पर कृषि विभाग ने पत्राचार किया है। जिले में नई बनाई गई तीनों तहसीलों के ऑनलाइन होने के बाद ही इस समस्या का समाधान हो सकेगा। 

एक ही नाम के गांवों से हो रहा भ्रम 
जिले में कई गांव ऐसे हैं, जिनके नाम के गांव दूसरी तहसील क्षेत्र में भी हैं। ऐसे में केंद्र सरकार के डाटा में सभी तहसीलें दर्ज न होने से भ्रम की स्थिति हो जाती है। उदाहरण के लिए मानिकपुर ग्राम पंचायत भोगांव तहसील में भी है और करहल तहसील में भी। इसी तरह गड़ेरी मैनपुरी तहसील में भी है और कुरावली में भी। इससे पता ही नहीं चल पाता कि किस तहसील के गांव का पता दर्ज किया गया है। 

बैंकों से भी मांगा है डाटा 
कृषि विभाग ने इसके लिए बैंकों से भी किसानों का डाटा मांगा है। विभाग का मानना है कि किसानों के बैंक खाते में उनकी तहसील का नाम सही दर्ज होगा। इससे वे किसानों तक पहुंच सकेंगे। लगभग 15 हजार किसानों का डाटा मांगा गया है। 

उप निदेशक कृषि के डीवी सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के डाटा संशोधन में तहसीलों के कारण समस्या आ रही है। केंद्र सरकार के डाटा में केवल पुरानी तीन तहसीलें ही दर्ज हैं। पत्राचार किया गया है, जल्द ही सभी तहसीलें केंद्र सरकार के डाटा में जुड़ने की उम्मीद है। 

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