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Railway News: राजा मंडी स्टेशन पर अब नहीं रुकतीं ये नौ गाड़ियां, कभी गुलजार रहता था स्टेशन...अब पड़ा है सूना
Tue, 28 Oct 2025 09:35 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 28 Oct 2025 09:35 AM IST
सार
राजा मंडी स्टेशन पर 12 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव हो रहा है। यहां नौ गाड़ियों का ठहराव बंद हो गया, जिससे ये स्टेशन अब सूना रहता है।
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राजा मंडी स्टेशन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा का प्रमुख राजा मंडी स्टेशन यात्रियों के इंतजार में रहता है। यह स्टेशन कभी यात्रियों की भीड़ से गुलजार रहता था। यहां 40 से ज्यादा ट्रेनों का ठहराव था। ऐसे में हजारों यात्रियों का रोजाना आवागमन होता था। वहीं अब स्टेशन पर अधिकतर समय सन्नाटा रहता है। कुछ प्रमुख ट्रेनों के अलावा अधिकतर ट्रेनों का ठहराव आगरा कैंट स्टेशन पर होने लगा है। जिससे यहां आने वाले यात्रियों की संख्या भी घट गई है।
राजा मंडी स्टेशन आने वाले यात्री मेट्रो का सफर कर सुगमता से स्टेशन तक पहुंच सकें, इसके लिए राजा मंडी मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य तेजी पर है। वहीं दूसरी तरफ रेलवे ने राजा मंडी स्टेशन को भूला दिया है। पूर्व में जहां इस स्टेशन पर दर्जनों ट्रेनों का ठहराव होता था, वहीं अब कुछ गिनी चुनी ट्रेन ही यहां पर रुक रही है। इससे स्टेशन पर आने वाली यात्रियों की संख्या भी घट गई है।
कोरोना काल से पहले इस स्टेशन पर करीब 45 ट्रेनों का ठहराव होता था। करीब 8 से 9 हजार यात्री रोजाना आवागमन करते थे। लॉकडाउन में ट्रेनों का संचालन होना बंद हो गया। वहीं लॉकडाउन खत्म होने के बाद से अब यहां करीब 12 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव होता है। ऐसे में स्टेशन से रोज करीब 4 से 5 हजार यात्री आवागमन करते हैं।
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विकास पर करोड़ों खर्च
राजा की मंडी स्टेशन पर 12.4 करोड़ रुपए से विकास कार्य किए गए। इसमें सर्कुलेट एरिया, वेटिंग हॉल, शौचालय ब्लॉक, लिफ्ट, एस्केलेटर, कियोस्क, कार्यकारी लाउंज, हाई मास्ट टावर, बेंच, इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड, डिजिटल प्लेटफार्म घड़ी, प्लेटफार्म, टिन शेड, एफओबी समेत अन्य कार्य किए जा रहे हैं।
रोजगार कम हो गया
राजामंडी स्टेशन के कुली धारा का कहना है कि करीब पिछले 36 साल से यहां पर कुली का काम कर रहा हूं। पहले जब स्टेशन पर अधिक ट्रेन आती थीं तो यात्री भी अधिक आते थे। इससे रोजगार भी अच्छा होता था ल, लेकिन अब यात्री कम आते हैं। इसकी वजह से सही से कमाई भी नहीं हो पाती।
ट्रेन बढ़ाने पर हो विचार
रेलवे सलाहकार समिति की सदस्य निधि अग्रवाल ने बताया कि राजा मंडी स्टेशन शहर के बीच में स्थित है। ऐसे में यहां लोगों को पहुंचने में भी आसानी होती है। रेलवे को स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के बारे में विचार करना चाहिए। इससे शहर कि यात्रियों को ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा और यहीं से आसानी से ट्रेन ले सकते हैं।
इनका होता है ठहराव
नई दिल्ली इंटरसिटी, महाकौशल एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, आगरा छावनी-इटावा मेमू, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस
इनका ठहराव बंद
तूफान एक्सप्रेस, कोटा-पटना एक्सप्रेस, इलाहाबाद एक्सप्रेस, लखनऊ इंटरसिटी, दादर-बरेली एक्सप्रेस, गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस, विशाखापट्टनम एक्सप्रेस, कोल्हापुर एक्सप्रेस, मिलेनियम एक्सप्रेस।
यात्री वरुन का कहना है कि यहां कई ट्रेनों को रोज ठहराव था। इसके लिए आगरा कैंट नहीं जाना पड़ता था। मेरे घर से कैंट स्टेशन काफी दूर पड़ता है। इससे जाने में भी काफी समय लगता है। यात्री पीके चौधरी ने बताया कि राजा मंडी स्टेशन पर लखनऊ इंटरसिटी का ठहराव होता था। इससे आसानी रहती थी। अब आगरा फोर्ट जाना पड़ता है। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का भी ठहराव होना चाहिए।
आगरा रेल मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक संजय गौतम का कहना है कि राजा मंडी स्टेशन पर जगह कम होने के कारण ट्रेनों का ठहराव कम हुआ है। रेलवे बिल्लोचपुरा स्टेशन को विकसित कर रहा है। अभी यहां पर दो ट्रेनों का ठहराव होता है। आने वाले समय में कई और ट्रेनें रुक सकेंगी। इससे यात्रियों को सुविधा होगी।
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राजा मंडी स्टेशन आने वाले यात्री मेट्रो का सफर कर सुगमता से स्टेशन तक पहुंच सकें, इसके लिए राजा मंडी मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य तेजी पर है। वहीं दूसरी तरफ रेलवे ने राजा मंडी स्टेशन को भूला दिया है। पूर्व में जहां इस स्टेशन पर दर्जनों ट्रेनों का ठहराव होता था, वहीं अब कुछ गिनी चुनी ट्रेन ही यहां पर रुक रही है। इससे स्टेशन पर आने वाली यात्रियों की संख्या भी घट गई है।
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कोरोना काल से पहले इस स्टेशन पर करीब 45 ट्रेनों का ठहराव होता था। करीब 8 से 9 हजार यात्री रोजाना आवागमन करते थे। लॉकडाउन में ट्रेनों का संचालन होना बंद हो गया। वहीं लॉकडाउन खत्म होने के बाद से अब यहां करीब 12 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव होता है। ऐसे में स्टेशन से रोज करीब 4 से 5 हजार यात्री आवागमन करते हैं।
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विकास पर करोड़ों खर्च
राजा की मंडी स्टेशन पर 12.4 करोड़ रुपए से विकास कार्य किए गए। इसमें सर्कुलेट एरिया, वेटिंग हॉल, शौचालय ब्लॉक, लिफ्ट, एस्केलेटर, कियोस्क, कार्यकारी लाउंज, हाई मास्ट टावर, बेंच, इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड, डिजिटल प्लेटफार्म घड़ी, प्लेटफार्म, टिन शेड, एफओबी समेत अन्य कार्य किए जा रहे हैं।
रोजगार कम हो गया
राजामंडी स्टेशन के कुली धारा का कहना है कि करीब पिछले 36 साल से यहां पर कुली का काम कर रहा हूं। पहले जब स्टेशन पर अधिक ट्रेन आती थीं तो यात्री भी अधिक आते थे। इससे रोजगार भी अच्छा होता था ल, लेकिन अब यात्री कम आते हैं। इसकी वजह से सही से कमाई भी नहीं हो पाती।
ट्रेन बढ़ाने पर हो विचार
रेलवे सलाहकार समिति की सदस्य निधि अग्रवाल ने बताया कि राजा मंडी स्टेशन शहर के बीच में स्थित है। ऐसे में यहां लोगों को पहुंचने में भी आसानी होती है। रेलवे को स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के बारे में विचार करना चाहिए। इससे शहर कि यात्रियों को ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा और यहीं से आसानी से ट्रेन ले सकते हैं।
इनका होता है ठहराव
नई दिल्ली इंटरसिटी, महाकौशल एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, आगरा छावनी-इटावा मेमू, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस
इनका ठहराव बंद
तूफान एक्सप्रेस, कोटा-पटना एक्सप्रेस, इलाहाबाद एक्सप्रेस, लखनऊ इंटरसिटी, दादर-बरेली एक्सप्रेस, गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस, विशाखापट्टनम एक्सप्रेस, कोल्हापुर एक्सप्रेस, मिलेनियम एक्सप्रेस।
यात्री वरुन का कहना है कि यहां कई ट्रेनों को रोज ठहराव था। इसके लिए आगरा कैंट नहीं जाना पड़ता था। मेरे घर से कैंट स्टेशन काफी दूर पड़ता है। इससे जाने में भी काफी समय लगता है। यात्री पीके चौधरी ने बताया कि राजा मंडी स्टेशन पर लखनऊ इंटरसिटी का ठहराव होता था। इससे आसानी रहती थी। अब आगरा फोर्ट जाना पड़ता है। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का भी ठहराव होना चाहिए।
आगरा रेल मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक संजय गौतम का कहना है कि राजा मंडी स्टेशन पर जगह कम होने के कारण ट्रेनों का ठहराव कम हुआ है। रेलवे बिल्लोचपुरा स्टेशन को विकसित कर रहा है। अभी यहां पर दो ट्रेनों का ठहराव होता है। आने वाले समय में कई और ट्रेनें रुक सकेंगी। इससे यात्रियों को सुविधा होगी।