Coronavirus: 21 देशों के भक्तों के बीच गूंजा हनुमान चालीसा का पाठ, कोरोना से मुक्ति की प्रार्थना
लॉकडाउन के कारण मथुरा-वृंदावन के मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। ऐसे में मंदिरों में ऑनलाइन धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दुनिया को कोरोना वायरस महामारी से मुक्ति की कामना के साथ तीर्थनगरी वृंदावन में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में सोशल मीडिया के जरिए 21 देशों के 10 हजार हजार भक्त जुड़े। संत-महंत से लेकर उत्तर प्रदेश के दो मंत्रियों ने भी हनुमान चालीसा का पाठ कर कोरोना वायरस से मुक्ति की प्रार्थना की।
आचार्य पंडित नरोत्तम लाल सेवा संस्थान के तत्वावधान में रविवार को आचार्य विष्णुकांत शास्त्री और आचार्य मृदुलकांत शास्त्री के आचार्यत्व में इस तीसरे धार्मिक अनुष्ठान में देश-दुनिया के हजारों भक्त ऑनलाइन जुड़े। एक लाख आठ से अधिक बार पाठ किया गया।
आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने बताया कि संत-महंत और राजनेताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। आचार्य ने बताया कि अमेरिका, कनाडा, यूके घाना, मॉरीशस, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, हांगकांग, म्यामांर आदि देशों के भक्त शामिल हुए। इस दौरान सभी ने सामाजिक दूरी का पूरी तरह से पालन किया।
27 अप्रैल को होगा रुद्राभिषेक
लॉकडाउन के कारण मथुरा-वृंदावन के मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। ऐसे में मंदिरों में ऑनलाइन धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए भक्त इससे जुड़कर वैश्विक महामारी कोरोना से मुक्ति की कामना कर रहे हैं। आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने बताया कि 27 अप्रैल को भगवान शिव का रुद्राभिषेक और दो मई को 1008 घरों में सुंदरकांड होगा।
इससे पूर्व 21 अप्रैल को वृंदावन के राधाकांत मंदिर में कोरोना वायरस के सर्वनाश के लिए भगवान शिव का महारुद्राभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना की गई थी।महारुद्राभिषेक में सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से 21 देशों के करीब छह हजार लोग जुड़े। 1331 परिवारों ने अपने घरों में पूजा करके कोरोना वायरस से मुक्ति की भोलेनाथ से कामना की।