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एक सत्र की ही डिग्री बांटी, वह भी 50 फीसदी
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन का डिग्री वितरण अभियान थम गया है। दिवाली के पहले शैक्षणिक सत्र 2018-19 की डिग्रियां कॉलेजों को दी गईं, वह भी 50 फीसदी ही। राज्यपाल का निर्देश था कि लंबित सभी वर्षोँ की डिग्रियों को तत्काल कॉलेजों को उपलब्ध कराया जाए।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2015-16 से 2018-19 तक की डिग्रियों को सतत अभियान चलाकर कॉलेजों को उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी। 27 अक्तूबर से दो नवंबर तक अभियान चलाकर सत्र 2018-19 की करीब 70 हजार डिग्रियां कॉलेजों को दी गईं। इस सत्र की करीब 70 हजार डिग्रियां और बची हैं, जिनको अभी तक कॉलेज ले नहीं गए हैं। विश्वविद्यालय में चार सत्रों की करीब पौने सात लाख डिग्रियां अभी प्रिंट कर रखी हुई हैं। कॉलेजों के माध्यम से इन छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराया जाना है। विश्वविद्यालय की ओर से संबंधित कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि डिग्री के लिए छात्र-छात्राओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाना है। शुल्क लिए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शैक्षणिक सत्र 2017-18 की स्नातक पाठ्यक्रमों की डिग्रियों को कॉलेजवार अलग कर लिया गया है। अब परास्नातक पाठ्यक्रमों की डिग्रियों को अलग कराया जा रहा है। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से 29 नवंबर के बाद काम न लिए जाने का आदेश जारी होने से कर्मचारी कम सहयोग कर रहे थे। हफ्तेभर में सत्र 2017-18 की डिग्रियों के साथ सत्र 2018-19 की बची हुई डिग्रियों को कॉलेजों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। - अजय कृष्ण यादव, परीक्षा नियंत्रक, विश्वविद्यालय
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2015-16 से 2018-19 तक की डिग्रियों को सतत अभियान चलाकर कॉलेजों को उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी। 27 अक्तूबर से दो नवंबर तक अभियान चलाकर सत्र 2018-19 की करीब 70 हजार डिग्रियां कॉलेजों को दी गईं। इस सत्र की करीब 70 हजार डिग्रियां और बची हैं, जिनको अभी तक कॉलेज ले नहीं गए हैं। विश्वविद्यालय में चार सत्रों की करीब पौने सात लाख डिग्रियां अभी प्रिंट कर रखी हुई हैं। कॉलेजों के माध्यम से इन छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराया जाना है। विश्वविद्यालय की ओर से संबंधित कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि डिग्री के लिए छात्र-छात्राओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाना है। शुल्क लिए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शैक्षणिक सत्र 2017-18 की स्नातक पाठ्यक्रमों की डिग्रियों को कॉलेजवार अलग कर लिया गया है। अब परास्नातक पाठ्यक्रमों की डिग्रियों को अलग कराया जा रहा है। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से 29 नवंबर के बाद काम न लिए जाने का आदेश जारी होने से कर्मचारी कम सहयोग कर रहे थे। हफ्तेभर में सत्र 2017-18 की डिग्रियों के साथ सत्र 2018-19 की बची हुई डिग्रियों को कॉलेजों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। - अजय कृष्ण यादव, परीक्षा नियंत्रक, विश्वविद्यालय
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