मथुरा में कोरोना: संक्रमण से 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, 24 घंटे में 24 नए संक्रमित मिले
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मथुरा जिले में कोरोना संक्रमण से सोमवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 24 नए पॉजिटिव केस सामने आए। इस प्रकार जिले में संक्रमण से मरने वालों की संख्या जहां 289 हो गई है तो वहीं संक्रमितों की संख्या 20057 पर पहुंच गई है। एक्टिव केस 1151 हैं।
राधाकुंड निवासी 65 वर्षीय वृद्ध की सोमवार की केडी मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, बलदेव, चौमुंहा, छाता, मांट, राया, नौहझील, मथुरा छावनी क्षेत्र, जयसिंहपुरा, कमला नगर, कृष्णानगर, मधुवन एन्क्लेव, मिलिट्री हॉस्पीटल, साकेत पुरी कॉलोनी संक्रमित मिले हैं।
ब्लैक फंगस क्लीनिक में डेढ़ घंटे में नहीं बन सका पर्चा
जिले में कोरोना संक्रमण के बीच ब्लैक फंगस का खतरा मंडराने लगा है, लेकिन जिला अस्पताल में स्थापित ब्लैक फंगस क्लीनिक की व्यवस्थाएं पहले ही दिन लड़खड़ा गईं। क्लीनिक पहुंचा एक व्यक्ति डेढ़ घंटा तक पर्चा बनवाने के लिए भटकता रहा, लेकिन उसका पर्चा नहीं बन सका।
जिला अस्पताल के रूम नंबर 10 में ब्लैक फंगस संक्रमितों के लिए क्लीनिक खोला गया है। यहां न तो सुविधाएं हैं न पर्चे बनाने के लिए कोई कर्मचारी तैनात है। सोमवार को महोली रोड स्थित शक्ति नगर निवासी एक व्यक्ति संदिग्ध लक्षणों की जांच के लिए क्लीनिक पहुंचा। यहां बैठे नेत्र रोग विशेषज्ञ ने उन्हें कमरा नंबर 5 से पर्चा बनवाकर लाने को कहा।
लगभग डेढ़ घंटे तक भटकने के बाद भी उसका पर्चा नहीं बन सका। पीड़ित ने बताया कि कोरोना संक्रमित हो चुका है, दो दिन से आखों में जलन हो रही है। मन में ब्लैक फंगस का डर है। वह चिकित्सकों से परामर्श के लिए जिला अस्पताल आया था। चिकित्सक ने बिना जांच पड़ताल किए कह दिया कि उन्हें ऐसी कोई बीमारी नहीं है। क्लीनिक में नाक, कान, गला, नेत्र विशेषज्ञ के साथ एक फिजीशियन अनिवार्य है। पर एक चिकित्सक तैनात हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. मुकुंद बंस ने कहा कि सोमवार को एक भी व्यक्ति ब्लैक फंगस से संक्रमित नहीं आया। महोली रोड के जो व्यक्ति आए थे उन्हें ब्लैक फंगस की शिकायत नहीं थी।