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प्रवक्ता पद पर नौकरी का झांसा देकर चपरासी ने ठगे थे 15 लाख, शिक्षक की आत्महत्या में एक गिरफ्तार
Tue, 22 Oct 2019 12:09 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 22 Oct 2019 12:09 AM IST
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पुलिस की गिरफ्तर में ठगी का आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी में पुलिस ने सोमवार को सरकारी नौकरी लगवाने का लालच देकर लोगों से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार करने का दावा किया है। सरगना सहित अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। सरगना कन्नौज के बीएसए ऑफिस में चपरासी के पद पर तैनात है।
सीओ सिटी अभय नरायन राय ने बताया कि शहर के हिंदूपुरम कालोनी निवासी प्राइवेट शिक्षक सुधीर दुबे ने 14 अगस्त को लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। इसके पीछे नौकरी के नाम पर करीब 15 लाख की ठगी किए जाने का मामल सामने आया था। मृतक के पिता रामदेव की ओर से कन्नौज के बीएसए ऑफिस में तैनात चपरासी अनुज चतुर्वेदी निवासी भवानीपुर प्रताप, थाना कोतवाली कन्नौज, अवधेश व अन्य के विरुद्ध ठगी का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इन लोगों ने ठगी का शिकार हुए युवक सुधीर दुबे को प्रवक्ता पद पर तैनाती का झांसा दिया गया था। रुपये लेने के बाद उसे शाहजहांपुर में तैनाती के लिए नियुक्ति पत्र भी दिया गया। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता बाद पदभार ग्रहण कराने की बात कही गई थी। आचार संहिता खत्म होने के बाद से ही उसे लगातार गुमराह किया जा रहा था।
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सीओ सिटी अभय नरायन राय ने बताया कि शहर के हिंदूपुरम कालोनी निवासी प्राइवेट शिक्षक सुधीर दुबे ने 14 अगस्त को लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। इसके पीछे नौकरी के नाम पर करीब 15 लाख की ठगी किए जाने का मामल सामने आया था। मृतक के पिता रामदेव की ओर से कन्नौज के बीएसए ऑफिस में तैनात चपरासी अनुज चतुर्वेदी निवासी भवानीपुर प्रताप, थाना कोतवाली कन्नौज, अवधेश व अन्य के विरुद्ध ठगी का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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इन लोगों ने ठगी का शिकार हुए युवक सुधीर दुबे को प्रवक्ता पद पर तैनाती का झांसा दिया गया था। रुपये लेने के बाद उसे शाहजहांपुर में तैनाती के लिए नियुक्ति पत्र भी दिया गया। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता बाद पदभार ग्रहण कराने की बात कही गई थी। आचार संहिता खत्म होने के बाद से ही उसे लगातार गुमराह किया जा रहा था।
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सुधीर ने कई बार की थी चपरासी से बात
सुधीर दूबे की आत्महत्या के बाद से ही पुलिस उसके बैंक एकाउंट और मोबाइल डिटेल की जांच कर रही थी। सीओ के अनुसार जांच में पाया गया कि सुधीर दुबे ने कई बार अनुज चतुर्वेदी से बात की थी। उसके बैंक खाते से पैसा भी ट्रांसफर किया गया था। सोमवार को कोतवाली पुलिस ने नामजद आरोपी अवधेश निवासी भवानीपुर कन्नौज को जेल तिराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि वो अनुज चतुर्वेदी के इशारे पर लोगों को निशाना बनाता था। सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर वो लोगों से मोटी रकम वसूलते थे। सीओ ने बताया कि सरगना के गिरफ्तार होने पर पता चलेगा कि उन्होंने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया। इसके साथ ही उनके गैंग में कितने लोग शामिल हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।
पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क निश्चित रूप से बड़ा होगा। अब पुलिस अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं पुलिस को सरगना अनुज चतुर्वेदी की भी तलाश है। पुलिस मान रही है कि सरगना के गिरफ्त में आते ही सभी किरदार सामने आ जाएंगे। सोमवार को पुलिस ने आरोपी अनुज के घर पर भी दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ सका।
पूछताछ में उसने बताया कि वो अनुज चतुर्वेदी के इशारे पर लोगों को निशाना बनाता था। सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर वो लोगों से मोटी रकम वसूलते थे। सीओ ने बताया कि सरगना के गिरफ्तार होने पर पता चलेगा कि उन्होंने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया। इसके साथ ही उनके गैंग में कितने लोग शामिल हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।
पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क निश्चित रूप से बड़ा होगा। अब पुलिस अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं पुलिस को सरगना अनुज चतुर्वेदी की भी तलाश है। पुलिस मान रही है कि सरगना के गिरफ्त में आते ही सभी किरदार सामने आ जाएंगे। सोमवार को पुलिस ने आरोपी अनुज के घर पर भी दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ सका।