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चिकित्साधिकारी पर ‘पुलिसवाले’ ने तानी पिस्टल
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 17 Jan 2015 01:17 AM IST
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सिकंदरा में कारगिल चौराहे से चंद कदम की दूरी पर एसएन मेडिकल कालेज के प्रमुख अधीक्षक (एसआईसी) डा. हिमांशु यादव को खाकी वर्दीधारी ने रोक लिया। नीली बत्ती लगी गाड़ी को देखने के बाद भी चाबी छीनी और अभद्रता की। खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले वर्दीधारी ने डाक्टर पर पिस्टल तान दी। जब डाक्टर ने एसपी सिटी से फोन पर बात कराई तो वह भाग खड़ा हुआ।
घटना शुक्रवार रात तकरीबन नौ बजे की है। सिकंदरा स्थित कारगिल चौराहे पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। डा. हिमांशु ने बताया कि वे अपनी नीली बत्ती लगी गाड़ी से आवास विकास कालोनी के सेक्टर 13 स्थित घर जा रहे थे। चौराहे से तकरीबन सौ मीटर की दूरी पर पहुंचे थे कि एक खाकी वर्दीधारी व्यक्ति ने उनकी कार रुकवाई और चाबी छीन ली। इसके बाद पिस्टल तान दी। अपना नाम बीके बताकर अभद्रता करने लगा। मोबाइल से गाड़ी के फोटो खींच लिए। इस पर डा. हिमांशु ने एसपी सिटी को फोन मिलाया और उससे बात कराई। डाक्टर ने बताया कि उसने मोबाइल पर जय हिंद बोला और इसके बाद मोबाइल उन्हें देकर भाग निकला। इसी बीच डा. हिमांशु के परिचित एक अन्य डाक्टर भी वहां आ गए। उन्होंने कथित सिपाही को रोकने की कोशिश की तो उसने दौड़ लगा दी। पुलिसकर्मी के इस दुर्व्यवहार पर चिकित्साधिकारी हैरान रह गए। उन्होंने जानने की कोशिश की कि उन्हें रोकने वाला थाना सिकंदरा का पुलिसकर्मी था या नहीं, लेकिन ये साफ नहीं हो सका।
कहीं लुटेरा तो नहीं
गौरतलब है कि 30 दिसंबर को विद्युत कालोनी के पास टीकमगढ़ के चेयरमैन की फारच्यूनर गाड़ी को लूटने वाले भी खुद को पुलिसकर्मी बताए थे। आशंका है कि डा. हिमांशु के साथ खींचतान करने वाला लुटेरा हो। इस संबंध में इंस्पेक्टर सिकंदरा ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया।
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घटना शुक्रवार रात तकरीबन नौ बजे की है। सिकंदरा स्थित कारगिल चौराहे पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। डा. हिमांशु ने बताया कि वे अपनी नीली बत्ती लगी गाड़ी से आवास विकास कालोनी के सेक्टर 13 स्थित घर जा रहे थे। चौराहे से तकरीबन सौ मीटर की दूरी पर पहुंचे थे कि एक खाकी वर्दीधारी व्यक्ति ने उनकी कार रुकवाई और चाबी छीन ली। इसके बाद पिस्टल तान दी। अपना नाम बीके बताकर अभद्रता करने लगा। मोबाइल से गाड़ी के फोटो खींच लिए। इस पर डा. हिमांशु ने एसपी सिटी को फोन मिलाया और उससे बात कराई। डाक्टर ने बताया कि उसने मोबाइल पर जय हिंद बोला और इसके बाद मोबाइल उन्हें देकर भाग निकला। इसी बीच डा. हिमांशु के परिचित एक अन्य डाक्टर भी वहां आ गए। उन्होंने कथित सिपाही को रोकने की कोशिश की तो उसने दौड़ लगा दी। पुलिसकर्मी के इस दुर्व्यवहार पर चिकित्साधिकारी हैरान रह गए। उन्होंने जानने की कोशिश की कि उन्हें रोकने वाला थाना सिकंदरा का पुलिसकर्मी था या नहीं, लेकिन ये साफ नहीं हो सका।
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कहीं लुटेरा तो नहीं
गौरतलब है कि 30 दिसंबर को विद्युत कालोनी के पास टीकमगढ़ के चेयरमैन की फारच्यूनर गाड़ी को लूटने वाले भी खुद को पुलिसकर्मी बताए थे। आशंका है कि डा. हिमांशु के साथ खींचतान करने वाला लुटेरा हो। इस संबंध में इंस्पेक्टर सिकंदरा ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया।
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