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कासगंज: ठंड से बचने के लिए चारपाई के नीचे जलाई थी आग, जिंदा जल गई वृद्ध महिला; मौत
Sat, 20 Jan 2024 06:31 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 20 Jan 2024 06:31 PM IST
सार
सर्दी से बचने के लिए महिला ने चारपाई के नीचे जलती अंगीठी रख ली। अंगीठी से निकली एक चिंगारी चारपाई पर गिरी, तो उसमें आग लग गई। सोते समय महिला की जलकर मौत हो गई।
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अंगीठी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
कासगंज के पटियाली क्षेत्र के ग्राम बाहदुर नगर में ठंड से बचने के लिए चारपाई के नीचे रखी जलती अंगीठी वृद्ध महिला का काल बन गई। महिला की रात को सोते समय जलकर मौत हो गई।
ग्राम बहादुर नगर निवासी आशाराम का परिवार रिश्तेदारी में गया हुआ था। घर पर आशाराम व उसकी पत्नी गुड्डो देवी (60) ही रह गए। रात को पति पत्नी घर की रखवाली को ध्यान में रखते हुए अलग अलग कमरों में सो गए। रात में ठंड अधिक होने से गुड़डो देवी ने अंगीठी जलारखी थी उसको सोने से पहले अपनी चारपाई के नीचे रख लिया। रात में चारपाई में आग लग गई और महिला उसमें जल गई, लेकिन पति को इसका पता नहीं चल सका। सुबह जब आशाराम जागा तो उसने अपनी पत्नी को आवाज लगाई।
जब शनिवार की सुबह आशाराम जागा और उसने अपनी पत्नी को आवाज़ दी लेकिन कोई उत्तर न मिला। कई वार आवाज़ देने के वाद भी जब कोई आवाज नहीं आई तो आशाराम अपनी पत्नी के कमरे में गया। वहां का नजारा देखकर वह दंग रह गया उसके मुख से चीख़ निकल पड़ी। गुड्डो देवी जल कर मर चुकीं थीं। सूचना परिजनों को दी गई। परिजनों के आने के बाद महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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ग्राम बहादुर नगर निवासी आशाराम का परिवार रिश्तेदारी में गया हुआ था। घर पर आशाराम व उसकी पत्नी गुड्डो देवी (60) ही रह गए। रात को पति पत्नी घर की रखवाली को ध्यान में रखते हुए अलग अलग कमरों में सो गए। रात में ठंड अधिक होने से गुड़डो देवी ने अंगीठी जलारखी थी उसको सोने से पहले अपनी चारपाई के नीचे रख लिया। रात में चारपाई में आग लग गई और महिला उसमें जल गई, लेकिन पति को इसका पता नहीं चल सका। सुबह जब आशाराम जागा तो उसने अपनी पत्नी को आवाज लगाई।
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जब शनिवार की सुबह आशाराम जागा और उसने अपनी पत्नी को आवाज़ दी लेकिन कोई उत्तर न मिला। कई वार आवाज़ देने के वाद भी जब कोई आवाज नहीं आई तो आशाराम अपनी पत्नी के कमरे में गया। वहां का नजारा देखकर वह दंग रह गया उसके मुख से चीख़ निकल पड़ी। गुड्डो देवी जल कर मर चुकीं थीं। सूचना परिजनों को दी गई। परिजनों के आने के बाद महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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