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अफसर चैन में, विदेश में छाए ताज के कीड़े
अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 31 May 2016 03:01 AM IST
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आज एनजीटी में होनी है ताजमहल पर कीड़ों के असर की सुनवाई
विदेशी मीडिया में छाया हुआ है ताजमहल की हरी दीवारों का मामला
यमुना नदी में भारी प्रदूषण से पनपे काइरोनोमस कीड़ों के हमले से ताजमहल की संगमरमरी दीवारें हरे होने की खबर पर देश का नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) गंभीर है, लेकिन फटकार के बाद भी आगरा के अफसर सो रहे हैं। अमेरिका से आस्ट्रेलिया तक हर देश में ताज के हरे रंग में रंगने की खबर प्रमुखता पा रही हैं, लेकिन आगरा के अधिकारी कीड़ों के हमले के 40 दिन बाद भी यमुना में न तो प्रदूषण पर रोक लगा सके और न ही नदी की सफाई ही करा पाए।
अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, आस्ट्रेलिया, चीन, जापान, थाईलैंड, इटली, रूस, पश्चिम एशिया के देशों से ताजमहल के दीदार के लिए सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंचते हैं। इन देशों की मीडिया ने ताजमहल पर कीड़ों के हमले से संगमरमरी दीवारों के हरे होने की खबरों को प्रमुखता से उठाया है। दुनिया के नामचीन अखबारों, टीवी चैनलों की सुर्खियों में यह मामला अभी भी बना हुआ है और दुनिया के तीन दर्जन से ज्यादा विदेशी पत्रकार इस मामले में आगरा आ चुके हैं। बता दें कि अमर उजाला ने ही ताज पर काइरोनोमस कीड़ों के हमले की खबर को सबसे पहले प्रकाशित किया था।
आंधी, बारिश से कम हुआ हमला
आगरा। 40 दिन पहले ताजमहल पर हमला कर संगमरमरी दीवारों को हरे रंग में रंगने वाले काइरोनोमस फैमिली के कीड़ों पर आंधी और बारिश से असर पड़ा है। दरअसल काइरोनोमस कीड़े भारी प्रदूषण और यमुना में फास्फोरस की अधिकता के कारण आ रहे हैं। 35 से 50 डिग्री के बीच का तापमान ये सह सकते हैं। बारिश होने से पारा कम हुआ है और आंधी की रफ्तार कीड़े झेल नहीं सके ।
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आज एनजीटी में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट मॉनिटरिंग कमेटी सदस्य डीके जोशी की एनजीटी में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी है। 25 मई को सुनवाई में जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई थी। पर्यावरण मंत्रालय सहित उत्तर प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम, एडीए और नगर निगम अधिकारियों को मंगलवार की सुनवाई में तलब किया है।
गूगल मैप खोल रहा सफाई की कलई
ताजमहल के पीछे यमुना में ताज टैनरी पर जमा ठोस कचरे को साफ करने के आदेश एनजीटी कई बार दे चुका है, लेकिन नगर निगम ने कुछ कर्मचारियों की सफाई की फोटो खिंचवाकर कोर्ट को गुमराह कर दिया। ताज टैनरी के पीछे ठोस कूड़ा जस का तस है। मंगलवार की सुनवाई से पहले दिखावे के लिए पालीथिन उठवाए गए, लेकिन इस सफाई की कलई गूगल मैप खोल रहा है। यमुना की धारा में ताजमहल के पीछे दशहरा घाट पर ठोस कूड़ा स्पष्ट नजर आता है।
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विदेशी मीडिया में छाया हुआ है ताजमहल की हरी दीवारों का मामला
यमुना नदी में भारी प्रदूषण से पनपे काइरोनोमस कीड़ों के हमले से ताजमहल की संगमरमरी दीवारें हरे होने की खबर पर देश का नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) गंभीर है, लेकिन फटकार के बाद भी आगरा के अफसर सो रहे हैं। अमेरिका से आस्ट्रेलिया तक हर देश में ताज के हरे रंग में रंगने की खबर प्रमुखता पा रही हैं, लेकिन आगरा के अधिकारी कीड़ों के हमले के 40 दिन बाद भी यमुना में न तो प्रदूषण पर रोक लगा सके और न ही नदी की सफाई ही करा पाए।
अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, आस्ट्रेलिया, चीन, जापान, थाईलैंड, इटली, रूस, पश्चिम एशिया के देशों से ताजमहल के दीदार के लिए सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंचते हैं। इन देशों की मीडिया ने ताजमहल पर कीड़ों के हमले से संगमरमरी दीवारों के हरे होने की खबरों को प्रमुखता से उठाया है। दुनिया के नामचीन अखबारों, टीवी चैनलों की सुर्खियों में यह मामला अभी भी बना हुआ है और दुनिया के तीन दर्जन से ज्यादा विदेशी पत्रकार इस मामले में आगरा आ चुके हैं। बता दें कि अमर उजाला ने ही ताज पर काइरोनोमस कीड़ों के हमले की खबर को सबसे पहले प्रकाशित किया था।
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आंधी, बारिश से कम हुआ हमला
आगरा। 40 दिन पहले ताजमहल पर हमला कर संगमरमरी दीवारों को हरे रंग में रंगने वाले काइरोनोमस फैमिली के कीड़ों पर आंधी और बारिश से असर पड़ा है। दरअसल काइरोनोमस कीड़े भारी प्रदूषण और यमुना में फास्फोरस की अधिकता के कारण आ रहे हैं। 35 से 50 डिग्री के बीच का तापमान ये सह सकते हैं। बारिश होने से पारा कम हुआ है और आंधी की रफ्तार कीड़े झेल नहीं सके ।
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आज एनजीटी में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट मॉनिटरिंग कमेटी सदस्य डीके जोशी की एनजीटी में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी है। 25 मई को सुनवाई में जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई थी। पर्यावरण मंत्रालय सहित उत्तर प्रदेश सरकार के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम, एडीए और नगर निगम अधिकारियों को मंगलवार की सुनवाई में तलब किया है।
गूगल मैप खोल रहा सफाई की कलई
ताजमहल के पीछे यमुना में ताज टैनरी पर जमा ठोस कचरे को साफ करने के आदेश एनजीटी कई बार दे चुका है, लेकिन नगर निगम ने कुछ कर्मचारियों की सफाई की फोटो खिंचवाकर कोर्ट को गुमराह कर दिया। ताज टैनरी के पीछे ठोस कूड़ा जस का तस है। मंगलवार की सुनवाई से पहले दिखावे के लिए पालीथिन उठवाए गए, लेकिन इस सफाई की कलई गूगल मैप खोल रहा है। यमुना की धारा में ताजमहल के पीछे दशहरा घाट पर ठोस कूड़ा स्पष्ट नजर आता है।