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80 नोडल अधिकारी करेंगे शौचालयों का सत्यापन
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मैनपुरी। ग्राम पंचायतों में बने शौचालयों की हकीकत जानने के लिए फिर एक बार नोडल अधिकारी गांव-गांव पहुंचेंगे। वे सभी शौचालयों का सत्यापन कर उनकी जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेंगे।
जिले में अब तक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत दो लाख के करीब शौचालय बनाए जा चुके हैं। कुल 552 ग्राम पंचायतों में बने शौचालयों में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की शिकायतें आती रहती हैं। इसे देखते हुए नोडल अधिकारियों को सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में कुल 80 न्याय पंचायतों पर इतने ही जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। ये अधिकारी गांव-गांव जाकर एक-एक शौचालय का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को देंगे। इससे ये पता चला सकेगा कि वास्तव में गांव में कितने शौचालय बने हैं और कितने अधूर या नहीं बने हैं।
पहले सत्यापन में मिली थी कमियां
एक बार पहले भी नोडल अधिकारियों के माध्यम से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में शौचालयों का सत्यापन कराया जा चुका है। इसमें अधिकांश ग्राम पंचायतों में शौचालय अधूरे ही मिले थे। नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद पंचायत सचिवों को शौचालय पूर्ण कराने के लिए नोटिस भी जारी किए गए। ऐसे में अब देखना ये है कि इस बार सत्यापन में हालात बदलते हैं या नहीं।
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ग्राम पंचायतों में नोडल अधिकारी शौचालयों का सत्यापन करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा उन्हें नामित किया गया है। विभाग की ओर से केवल शौचालयों की सूची उपलब्ध करा दी गई है।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।
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जिले में अब तक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत दो लाख के करीब शौचालय बनाए जा चुके हैं। कुल 552 ग्राम पंचायतों में बने शौचालयों में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की शिकायतें आती रहती हैं। इसे देखते हुए नोडल अधिकारियों को सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में कुल 80 न्याय पंचायतों पर इतने ही जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। ये अधिकारी गांव-गांव जाकर एक-एक शौचालय का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को देंगे। इससे ये पता चला सकेगा कि वास्तव में गांव में कितने शौचालय बने हैं और कितने अधूर या नहीं बने हैं।
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पहले सत्यापन में मिली थी कमियां
एक बार पहले भी नोडल अधिकारियों के माध्यम से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में शौचालयों का सत्यापन कराया जा चुका है। इसमें अधिकांश ग्राम पंचायतों में शौचालय अधूरे ही मिले थे। नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद पंचायत सचिवों को शौचालय पूर्ण कराने के लिए नोटिस भी जारी किए गए। ऐसे में अब देखना ये है कि इस बार सत्यापन में हालात बदलते हैं या नहीं।
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ग्राम पंचायतों में नोडल अधिकारी शौचालयों का सत्यापन करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा उन्हें नामित किया गया है। विभाग की ओर से केवल शौचालयों की सूची उपलब्ध करा दी गई है।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।