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महिला जिला अस्पताल में नर्स ने पर्चा फाड़ा, पांच घंटे तक तड़पती रही गर्भवती महिला

Sat, 17 Aug 2019 09:46 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 17 Aug 2019 09:46 AM IST
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nurse misbehaved with pregnant woman in Women District Hospital agra
महिला को पांच घंटे बाद किया भर्ती - फोटो : अमर उजाला
आगरा के लेडी लॉयल (महिला जिला अस्पताल) से गर्भवती भगाए जाने की घटना को दो दिन भी नहीं बीते हैं कि एक बार फिर स्टाफ की लापरवाही सामने आई। यहां के स्टाफ ने शुक्रवार को गर्भवती का पर्चा फाड़कर आशा के मुंह पर मार दिया। गर्भवती को भी भर्ती नहीं किया। पांच घंटे तक गर्भवती दर्द से कराहती रही। इसकी शिकायत आशा ने सीएमओ ऑफिस में की तब जाकर उसे भर्ती किया गया।
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चक्कीपाट निवासी शिवानी (21) नौ माह से गर्भवती है। इसका इलाज रकाबगंज स्थित नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन के स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहा था। शिवानी का पति नीरज उसको सुबह साढ़े नौ बजे लेडी लायल लेकर पहुंचा। साथ में आई आशा सविता इलाज के पर्चे लेकर लेडी लायल पहुंची। यह पर्चे नर्स को दिखाकर फाइल बनवाने को कहा। 
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नर्स ने कहा कि यह जांचें नौ अगस्त की है, नई जांच कराके लाओ। आशा ने कहा कि मरीज भर्ती कर लो, जांच करा लेना। आशा का आरोप है कि इतना कहते ही नर्स बिफर गई और पर्चे को फाड़कर उनके मुंह पर मार दिया। बोली, हमें मत सिखाओ, पहले जांच कराके लाओ तभी मरीज भर्ती होगी। 
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डॉक्टर ने भी फटकारा

नर्स के पास डॉक्टर भी खड़ी थी, उन्होंने भी नर्स को नहीं रोका। जब नर्स ने डॉक्टर से शिकायत की तो उन्होंने भी आशा को लताड़ा और बोला कि कहा.. ना, पहले जांच कराओ। गर्भवती को  जमीन पर बिठाकर आशा और गर्भवती का पति नीरज फाइल और नए पर्चा बनवाने में जुट गए। 

इधर, नीरज की मां हीरा देवी ने आशा को बताया कि बहू की हालत बिगड़ रही है, इसे पहले भर्ती करवा दो। इस पर आशा ने पूरे मामले की जानकारी सीएमओ ऑफिस में दी, कार्यालय बाबू ने एसआइसी को फोन कर पूरा मसला बताया। 

तब दोपहर दो बजे गर्भवती भर्ती हो सकी। आशा सविता ने बताया कि जांच के नाम पर पांच घंटे तक गर्भवती को भर्ती नहीं किया। वहीं सास हीरा देवी कहा कि कई बार डॉक्टर और नर्स के आगे गिड़गिड़ाए, लेकिन उनकी एक ना सुनी। 

एसआईसी डॉ आशा वर्मा ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ ने मरीज का पर्चा फाड़ने की शिकायत मिली है। गर्भवती को भर्ती करने में इतनी देरी क्यों की गई, जबकि सबसे पहले मरीज को भर्ती किया जाना चाहिए। नर्सिंग स्टाफ और ड्यूटी इंचार्ज से रिपोर्ट मांगी है।

एडीएम ने गर्भवती भगाने के प्रकरण में शुरू की जांच

गर्भवती को लेडी लायल से भगाए जाने के मामले में एडीएम प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने एसआईसी से जानकारी की है। शनिवार को एडीएम लेडी लॉयल जांच करने पहुंचेंगी। एसआइसी ने बताया कि एडीएम ने बात की है, शनिवार को जांच करने आ रही हैं।

दरअसल, सोमवार को सदर क्षेत्र निवासी रानी को लेडी लायल में रक्त की कमी बताकर प्रसव कराने से मना कर दिया था। पति गर्भवती को लेकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां खुले में प्रसव हो गया था।
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