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Agra News: एक चौथाई से कम रह गई पक्षियों की संख्या, 3 प्रजातियां नदारद
Wed, 17 Jan 2024 11:31 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 17 Jan 2024 11:31 PM IST
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किशनी (मैनपुरी)। रामसर साइट समान पक्षी विहार में बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार पक्षियों की संख्या एक चौथाई से भी कम रह गई है। वहीं पक्षियों को 3 प्रजातियां भी इस बार यहां से नदारद हैं। ये आंकड़े बुधवार को पक्षी विहार में हुई एशियन वाटर बर्ड सेंसस 2024 में सामने आए हैं। ये आंकड़े समान पक्षी विहार के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
एशियन वाटर बर्ड सेंसस द्वारा हर साल 27 देशों मे जलीय पक्षियों की गणना कराई जाती है। इसके साथ ही उनके प्रवास स्थलों के स्वास्थ्य का भी आकलन किया जाता है। बुधवार को रामसर साइट समान पक्षी विहार पहुंची टीम ने एशियन वाटरबार्ड सेंसस 2024 के तहत पक्षियों की गणना की। इकोलॉजिस्ट टीके रॉय के नेतृत्व में हुई गणना में इस बार चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पक्षियों की संख्या इस बार यहां घटकर एक तिहाई रह गई है। इस साल कुल 42 प्रजातियाें के 882 पक्षी ही यहां मिले। जनवरी 2023 में हुई गणना में 45 प्रजातियों के 3831 पक्षी मिले थे। ऐसे में 3 प्रजातियों के पक्षी इस बार पक्षी विहार से नदारद नजर आए।
इस बार बतख की तीन प्रजाति ही मिलीं, जिसमें नॉर्दन पिनटेल, नॉर्दन सोभेलर के अलावा कॉमनटील शामिल है। इनकी कुल संख्या 133 पाई गई। टीके रॉय ने बताया कि समान झील मुख्य बर्ड सेंक्चुअरी में से एक है, क्योंकि यहां विविध प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं। इस बार जलवायु परिवर्तन के कारण पक्षियों की संख्या असामान्य रही है।दूर से आने वाले पक्षियों का माइग्रेशन देर से हुआ है और कम है। वहीं कुछ विदेशशी पक्षी इस बार आए ही नहीं हैं। पक्षी विहार में श्रीलंका और साइबेरिया से आने वाले ग्रेटव्हाइट पेलिकन व ब्लैक नेक स्टार्क इस बार नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि वह पक्षियों की गणना का डाटा नई दिल्ली कार्यालय में जमा करेंगे, जहां से पूरे भारत का डाटा एकत्रित होकर नीदरलैंड जाएगा। ये गणना कहीं न कहीं समान पक्षी विहार के लिए चिंताजनक है। अगर जल्द ही सुधार नहीं किया गया तो हालात और भी खराब हो सकते हैं। गणना के दौरान रेंजर संजय माथुर, सहायक वन्यजीव प्रतिपालक वीरेंद्र पाल सिंह, वन दरोगा मोहित उपाध्याय मौजूद रहे।
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एशियन वाटर बर्ड सेंसस द्वारा हर साल 27 देशों मे जलीय पक्षियों की गणना कराई जाती है। इसके साथ ही उनके प्रवास स्थलों के स्वास्थ्य का भी आकलन किया जाता है। बुधवार को रामसर साइट समान पक्षी विहार पहुंची टीम ने एशियन वाटरबार्ड सेंसस 2024 के तहत पक्षियों की गणना की। इकोलॉजिस्ट टीके रॉय के नेतृत्व में हुई गणना में इस बार चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पक्षियों की संख्या इस बार यहां घटकर एक तिहाई रह गई है। इस साल कुल 42 प्रजातियाें के 882 पक्षी ही यहां मिले। जनवरी 2023 में हुई गणना में 45 प्रजातियों के 3831 पक्षी मिले थे। ऐसे में 3 प्रजातियों के पक्षी इस बार पक्षी विहार से नदारद नजर आए।
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इस बार बतख की तीन प्रजाति ही मिलीं, जिसमें नॉर्दन पिनटेल, नॉर्दन सोभेलर के अलावा कॉमनटील शामिल है। इनकी कुल संख्या 133 पाई गई। टीके रॉय ने बताया कि समान झील मुख्य बर्ड सेंक्चुअरी में से एक है, क्योंकि यहां विविध प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं। इस बार जलवायु परिवर्तन के कारण पक्षियों की संख्या असामान्य रही है।दूर से आने वाले पक्षियों का माइग्रेशन देर से हुआ है और कम है। वहीं कुछ विदेशशी पक्षी इस बार आए ही नहीं हैं। पक्षी विहार में श्रीलंका और साइबेरिया से आने वाले ग्रेटव्हाइट पेलिकन व ब्लैक नेक स्टार्क इस बार नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि वह पक्षियों की गणना का डाटा नई दिल्ली कार्यालय में जमा करेंगे, जहां से पूरे भारत का डाटा एकत्रित होकर नीदरलैंड जाएगा। ये गणना कहीं न कहीं समान पक्षी विहार के लिए चिंताजनक है। अगर जल्द ही सुधार नहीं किया गया तो हालात और भी खराब हो सकते हैं। गणना के दौरान रेंजर संजय माथुर, सहायक वन्यजीव प्रतिपालक वीरेंद्र पाल सिंह, वन दरोगा मोहित उपाध्याय मौजूद रहे।
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