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अब हर ट्रांसफार्मर से होने वाली बिजली चोरी की होगी जानकारी
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मैनपुरी। शहरी क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने के लिए प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाया जाएगा। अधीक्षण अभियंता के आदेश के बाद कार्य शुरू हो गया है।
अब तक विद्युत निगम फीडर पर लाइनलॉस के अनुसार बिजली चोरी रोकने के प्रयास करता है। फीडर का बड़ा क्षेत्र होने से बिजली की चोरी कहां हो रही है ये पता करना मुश्किल हो जाता है, अब ऐसा नहीं होगा। इसके लिए विद्युत निगम ने योजना बनाई है। अब क्षेत्रों को ट्रांसफार्मर से आपूूर्ति के अनुसार बांटा जाएगा।
प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाया जाएगा। महीने के अंत में ट्रांसफार्मर से जुड़े उपभोक्ताओं की बिलिंग के बाद ट्रांसफार्मर के मीटर की बिलिंग की जाएगी। अगर दोनों बिलिंग बराबर आती हैं तो बिजली चोरी नहीं है। अगर ट्रांसफार्मर की मीटर रीडिंग के अनुसार बिलिंग अधिक आती है तो इससे पता चल जाएगा कि संबंधित ट्रांसफार्मर से बिजली चोरी हो रही है। विद्युत निगम ने नगरीय क्षेत्र में इसकी शुरुआत की है।
यह क्षेत्र चयनित
प्रथम चरण में मैनपुरी शहर के अलावा, भोगांव, किशनी, बेवर, कुसमरा, कुरावली, करहल, घिरोर और ज्योंती खुड़िया को चयनित किया गया है। इसके बाद दूसरे चरण में ग्रामीण अंचल को भी शामिल किया जाएगा। अधीक्षण अभियंता के आदेश पर कार्य शुरू हो गया है।
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बिजली चोरी के क्षेत्र में चलाया जाएगा अभियान
ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाने से माह के अंत में पता चल जाएगा कि किस ट्रांसफार्मर से कितनी बिजली चोरी और ओवरलोडिंग है। उसी क्षेत्र में संबंधित उपकेंद्र के अवर अभियंता व टीम चेकिंग कर बिजली चोरी रोकने का कार्य करेंगे।
बिजली चोरी का पता अब ट्रांसफार्मर के आपूर्ति क्षेत्र से लगाया जाएगा। इससे क्षेत्र छोटे-छोटे भागों में बंट जाएगा और चेकिंग कर आसानी से बिजली चोरी रोकी जा सकेगी।
अतुल अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत।
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अब तक विद्युत निगम फीडर पर लाइनलॉस के अनुसार बिजली चोरी रोकने के प्रयास करता है। फीडर का बड़ा क्षेत्र होने से बिजली की चोरी कहां हो रही है ये पता करना मुश्किल हो जाता है, अब ऐसा नहीं होगा। इसके लिए विद्युत निगम ने योजना बनाई है। अब क्षेत्रों को ट्रांसफार्मर से आपूूर्ति के अनुसार बांटा जाएगा।
प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाया जाएगा। महीने के अंत में ट्रांसफार्मर से जुड़े उपभोक्ताओं की बिलिंग के बाद ट्रांसफार्मर के मीटर की बिलिंग की जाएगी। अगर दोनों बिलिंग बराबर आती हैं तो बिजली चोरी नहीं है। अगर ट्रांसफार्मर की मीटर रीडिंग के अनुसार बिलिंग अधिक आती है तो इससे पता चल जाएगा कि संबंधित ट्रांसफार्मर से बिजली चोरी हो रही है। विद्युत निगम ने नगरीय क्षेत्र में इसकी शुरुआत की है।
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यह क्षेत्र चयनित
प्रथम चरण में मैनपुरी शहर के अलावा, भोगांव, किशनी, बेवर, कुसमरा, कुरावली, करहल, घिरोर और ज्योंती खुड़िया को चयनित किया गया है। इसके बाद दूसरे चरण में ग्रामीण अंचल को भी शामिल किया जाएगा। अधीक्षण अभियंता के आदेश पर कार्य शुरू हो गया है।
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बिजली चोरी के क्षेत्र में चलाया जाएगा अभियान
ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाने से माह के अंत में पता चल जाएगा कि किस ट्रांसफार्मर से कितनी बिजली चोरी और ओवरलोडिंग है। उसी क्षेत्र में संबंधित उपकेंद्र के अवर अभियंता व टीम चेकिंग कर बिजली चोरी रोकने का कार्य करेंगे।
बिजली चोरी का पता अब ट्रांसफार्मर के आपूर्ति क्षेत्र से लगाया जाएगा। इससे क्षेत्र छोटे-छोटे भागों में बंट जाएगा और चेकिंग कर आसानी से बिजली चोरी रोकी जा सकेगी।
अतुल अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत।