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Agra News: अब ओवर लोड के चलते नहीं कटेगी बिजली
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कासगंज। अब ओवर लोड के चलते किसानों को बिजली कटौती का समस्या नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि निगम ने ओवरलोड कम करने के लिए कृषि और घरेलू बिजली फीडर अलग करने की योजना बनाई है। इस कार्य को पूरा करने के लिए निगम द्वारा तैयार किए गए 93 लाख रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। जल्द की इस पर निगम काम शुरू करेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की सप्लाई करने के लिए वर्तमान में जो फीडर बने हैं, उन पर कृषि और घरेलू दोनों ही प्रकार के उपभोक्ताओं को सप्लाई दी जाती हैै जिसके चलते इन फीडरों पर काफी लोड रहता है। ओवरलोड के चलते आपूर्ति पर इसका असर पड़ता है। आपूर्ति के बार बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों को कभी कभी पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नहीं मिल पाती। इससे सबसे अधिक असर नलकूप संचालन पर पड़ता है। ऐसे में किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट खड़ा होता है। किसान महंगे डीजल से सिंचाई करने को मजबूर होते है, जिससे फसल की लागत बढ़ जाती है। असमय कटौती होने से घरेलू उपभोक्ता भी परेशान होते हैं। शासन से ग्रामीण क्षेत्रों में भरपूर बिजली देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि किसानों को सिंचाई का संकट न हो। इसके लिए घरेलू व कृषि के फीडरों को अलग करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। जिले में ऐसे 35 बिजली के फीडर हैं जिन पर नलकूप और ग्रामीण क्षेत्रों की घरेलू बिजली की सप्लाई एक साथ की जाती है। अब दोनों फीडर अलग किए जाएंगे। ताकि किसानों को भी राहत मिल सके। इसके लिए निगम द्वारा तैयार किए गए 93 लाख रुपये के प्रोजेक्ट को शासन ने मंजूरी देकर बजट जारी कर दिया है।
ग्रामीण फीडर-35
ग्रामीण घरेलू कनेक्शन 158000
ग्रामीण कृषि कनेक्शन 7500
जिले के सभी ग्रामीण फीडरों में कृषि व घरेलू फीडरों को अलग करने के प्रोजेक्ट के लिए बजट मिल गया है। इसी के साथ विभाग ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। जल्द ही फीडर अलग करने की प्रक्रिया पूूरी हो जाएगी। सत्येंद्र गंगवार अधीक्षण अभियंता
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ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की सप्लाई करने के लिए वर्तमान में जो फीडर बने हैं, उन पर कृषि और घरेलू दोनों ही प्रकार के उपभोक्ताओं को सप्लाई दी जाती हैै जिसके चलते इन फीडरों पर काफी लोड रहता है। ओवरलोड के चलते आपूर्ति पर इसका असर पड़ता है। आपूर्ति के बार बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों को कभी कभी पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नहीं मिल पाती। इससे सबसे अधिक असर नलकूप संचालन पर पड़ता है। ऐसे में किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट खड़ा होता है। किसान महंगे डीजल से सिंचाई करने को मजबूर होते है, जिससे फसल की लागत बढ़ जाती है। असमय कटौती होने से घरेलू उपभोक्ता भी परेशान होते हैं। शासन से ग्रामीण क्षेत्रों में भरपूर बिजली देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि किसानों को सिंचाई का संकट न हो। इसके लिए घरेलू व कृषि के फीडरों को अलग करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। जिले में ऐसे 35 बिजली के फीडर हैं जिन पर नलकूप और ग्रामीण क्षेत्रों की घरेलू बिजली की सप्लाई एक साथ की जाती है। अब दोनों फीडर अलग किए जाएंगे। ताकि किसानों को भी राहत मिल सके। इसके लिए निगम द्वारा तैयार किए गए 93 लाख रुपये के प्रोजेक्ट को शासन ने मंजूरी देकर बजट जारी कर दिया है।
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ग्रामीण फीडर-35
ग्रामीण घरेलू कनेक्शन 158000
ग्रामीण कृषि कनेक्शन 7500
जिले के सभी ग्रामीण फीडरों में कृषि व घरेलू फीडरों को अलग करने के प्रोजेक्ट के लिए बजट मिल गया है। इसी के साथ विभाग ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। जल्द ही फीडर अलग करने की प्रक्रिया पूूरी हो जाएगी। सत्येंद्र गंगवार अधीक्षण अभियंता
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