Agra: सड़क पर खुले पड़े हैं 400 से ज्यादा गड्ढे, जीशान की मौत के बाद जलकल के जीएम को नोटिस
गर निगम के अधिवेशन में गड्ढे में गिरे जीशान की मौत का मामला उठाया गया तो नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी बना दी, साथ ही जीएम जलकल को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
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आगरा के तोता का ताल पर गड्ढे में गिरने से मासूम जीशान की मौत हो गई। शहर में ऐसे 400 से ज्यादा गड्ढे खुले पड़े हैं, इनमें पानी की लाइन की मरम्मत, सीवर व पीएनजी की लाइन डालने के लिए खोदे गए गड्ढे और खुले मैनहोल हैं। सिर्फ जीशान ही नहीं, बल्कि ऐसे गड्ढों में गिरकर कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं। फिर भी लापरवाही की यह लिस्ट खत्म होने की जगह बढ़ती जा रही है। नगर निगम के अधिवेशन में गड्ढे में गिरे जीशान की मौत का मामला उठाया गया तो नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी बना दी, साथ ही जीएम जलकल को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
इन हादसों से नहीं सीखा सबक
- फतेहाबाद रोड पर स्मार्ट सिटी की खोदाई में मजदूर की मौत
- ताजव्यू होटल के पास खोदाई में मिट्टी की ढाय में तीन मजदूर दबे
- शांतिपुरम में पानी की लाइन की खोदाई में मजदूर दबे, एक की मौत
- भगवान टॉकीज सर्विस लेन पर गड्ढे में गिरकर स्कूटर सवार की मौत
- बैनारा फैक्टरी के पास गड्ढे में गिरकर स्कूटर सवार वृद्ध की मौत
- हावर्ड पार्क प्लाजा के सामने गड्ढे में सात दिन में तीन कारें गिरीं
- तोता का ताल में इसी गड्ढे में स्कूटर सवार गिरे, लोगों ने बचाए
अपर नगर आयुक्त की कमेटी करेगी जांच
सोमवार सुबह तोता का ताल पर गड्ढे में हुई बच्चे की मौत के मामले में नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है, जिसमें दूसरे सदस्य नगर निगम के चीफ इंजीनियर बीएल गुप्ता होंगे। गड्ढे की बैरिकेडिंग नहीं करने और संबंधित विभागों द्वारा लापरवाही बरतने को लेकर यह कमेटी जांच कर नगर आयुक्त को रिपोर्ट सौंपेगी।
कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की चेतावनी
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने इस मामले में जलकल विभाग के महाप्रबंधक को नोटिस जारी किया है। इसमें पूछा गया है कि पानी की लाइन टूटने पर जलनिगम द्वारा लाइन की मरम्मत और बैरिकेडिंग आदि की व्यवस्थाएं देखने के लिए उनके द्वारा मौका मुआयना क्यों नहीं किया गया और बचाव के प्रबंध क्यों नहीं कराए गए। जीएम जलकल के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की चेतावनी दी गई है।
गड्ढे भरने के लिए 18 मई को पार्षद ने किया था प्रदर्शन
महज 20 दिन पहले 18 मई को क्षेत्रीय पार्षद शरद चौहान ने तोता का ताल पर इसी गड्ढे को भरने और पानी की लाइन की मरम्मत के लिए प्रदर्शन किया था। धरने पर बैठे पार्षद को जलकल विभाग के इंजीनियरों ने समस्या के जल्द निदान का भरोसा देकर धरना खत्म कराया था। धरने के 20 दिन के बाद भी न तो गड्ढे को भरा गया, न ही बैरिकेडिंग की गई। तोता का ताल पर इसी हिस्से में हर महीने चार से पांच बार पाइपलाइन लीक होती है।